
Pardarshi Vikas News Ayodhya
दर्शननगर स्थित सूर्यकुंड परिसर में मंगलवार को महान गणितज्ञ एवं खगोलशास्त्री आचार्य आर्यभट्ट की जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई। कार्यक्रम का आयोजन अखिल भारतीय चाणक्य परिषद के तत्वावधान में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक शामिल हुए।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने आचार्य आर्यभट्ट के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया और उनके वैज्ञानिक योगदान को याद किया। परिषद के जिलाध्यक्ष सत्यदेव मिश्रा ने कहा कि आर्यभट्ट ने दुनिया को शून्य, दशमलव और गणित के कई महत्वपूर्ण सिद्धांत दिए, जिनका लाभ आज पूरा विश्व उठा रहा है।
उन्होंने कहा कि पांचवीं शताब्दी में ही आर्यभट्ट ने पृथ्वी के सूर्य की परिक्रमा करने का सिद्धांत प्रस्तुत किया था, जिसे बाद में विज्ञान ने भी स्वीकार किया। वक्ताओं ने युवाओं से महान विभूतियों के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में सामाजिक व राजनीतिक क्षेत्र के कई गणमान्य लोग मौजूद रहे और आने वाले वर्षों में जयंती को और भव्य रूप से मनाने का संकल्प लिया।