
विधायक-सांसद-मेयर भाजपा के, फिर अस्पताल क्यों बंद?
जगनायक प्रधान
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। आम आदमी के लिए सरकारी अस्पताल किसी उम्मीद से कम नहीं होता। खासकर उन परिवारों के लिए जो निजी अस्पतालों का भारी-भरकम खर्च उठाने में सक्षम नहीं हैं। लेकिन नौबस्ता में तस्वीर कुछ अलग ही कहानी बयां कर रही है। यहां 100 बेड का सरकारी अस्पताल दो साल से अधिक समय पहले बनकर तैयार हो चुका है, लेकिन आज तक मरीजों के लिए शुरू नहीं किया गया। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इतने लंबे समय से तैयार अस्पताल को चालू क्यों नहीं किया जा रहा? अस्पताल शुरू होने से नौबस्ता और आसपास के हजारों लोगों को इलाज की बड़ी सुविधा मिल सकती है। सामान्य बीमारी से लेकर गंभीर मरीजों तक के लिए यह अस्पताल बेहद उपयोगी साबित हो सकता है। लेकिन भवन तैयार होने के बावजूद स्वास्थ्य सेवाओं का इंतजार जारी है। यह अस्पताल किदवई नगर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है, जहां से विधायक भाजपा के हैं, सांसद भाजपा के हैं और महापौर भी भाजपा की हैं। इसके बावजूद दो साल से ज्यादा समय से तैयार सरकारी अस्पताल का संचालन शुरू नहीं हो पाया है। यही वजह है कि अब स्थानीय लोगों के बीच सवाल उठने लगे हैं कि आखिर जिम्मेदारों की प्राथमिकता में जनता का इलाज कब आएगा?नौबस्ता में एक तरफ भाजपा का कार्यालय नजर आता है, तो दूसरी तरफ करोड़ों की लागत से तैयार 100 बेड का सरकारी अस्पताल बंद पड़ा है। यह तस्वीर अपने आप में सवाल खड़े करती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि चुनाव और राजनीति के लिए कार्यालय और संगठन की गतिविधियां तेजी से चल सकती हैं, तो जनता के इलाज के लिए अस्पताल शुरू करने में इतनी देरी क्यों?एक सामान्य दुकानदार, गुमटी संचालक, प्राइवेट कर्मचारी या रोज कमाकर परिवार चलाने वाले व्यक्ति के सामने जब अचानक बीमारी आती है, तो सरकारी अस्पताल ही सबसे बड़ी राहत बन सकता है। निजी अस्पताल का लंबा बिल कई परिवारों को कर्ज में डुबो सकता है।स्थानीय लोगों की मांग है कि अस्पताल को जल्द से जल्द शुरू किया जाए। डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, दवाओं, जांच और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था कर इसे पूरी क्षमता से संचालित किया जाए।जनता का सवाल साफ है—जब अस्पताल दो साल से ज्यादा समय से बनकर तैयार है, तो मरीजों के लिए इसके दरवाजे कब खुलेंगे?.