
पारदर्शी विकास न्यूज़ अमेठी। नगर पंचायत अमेठी के दलित बाहुल्य वार्ड नंबर दो में विकास कार्यों की कमी और बदहाल सफाई व्यवस्था को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। वार्ड में खुली नालियां गंदगी का पर्याय बनी हुई हैं। वहीं, बस्ती में कोई सामुदायिक स्थल नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब दो दशक से अम्बेडकर पार्क की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक यह पूरी नहीं हुई।वार्ड निवासी अरुण कुमार का आरोप है कि पिछले करीब 15 वर्षों से बस्ती में विकास के कोई बड़े काम नहीं हुए हैं। पूर्व सभासद रामानंद राव ने कहा कि भाजपा सरकार दलित हितैषी होने का दावा करती है, लेकिन वार्ड में विकास कार्यों की स्थिति इसके विपरीत है। उन्होंने कहा कि नगर में भाजपा के कई वरिष्ठ नेता रहते हैं, इसके बावजूद अब तक अम्बेडकर पार्क नहीं बन सका।सुरेंद्र कुमार ने आरोप लगाया कि चेयरमैन उन्हीं कार्यों को प्राथमिकता देते हैं, जिनसे उनका लाभ जुड़ा है। उन्होंने कहा कि विकास तो दूर, जनप्रतिनिधि बस्ती की समस्याएं सुनने तक नहीं आते। ईओ का पक्ष जानने के लिए फोन किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका।
अधिकांश परिवार भूमिहीन
वार्ड नंबर दो की आबादी करीब 1500 है। यहां अधिकांश परिवार भूमिहीन हैं। रोजी-रोटी के लिए बड़ी संख्या में पुरुष और महिलाएं अग्रहरि मसाला उद्योग की मसाला फैक्ट्री में काम करते हैं। कुछ लोग नगर के चौराहों पर बूट पॉलिश का काम भी करते हैं।
बजट के अभाव में विकास बाधित
वार्ड सभासद फैजान खान ने कहा कि सरकार से विकास कार्यों के लिए पर्याप्त बजट नहीं मिल रहा है, जिसके चलते काम बाधित हैं। उन्होंने बताया कि अम्बेडकर पार्क के निर्माण के लिए जमीन चिह्नित कर ली गई है। जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश अग्रहरि के सहयोग से जल्द निर्माण शुरू होने की उम्मीद है।