
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। गुरुवार को आयकर कर्मचारी महासंघ और आयकर राजपत्रित अधिकारी संघ, पश्चिमी उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड सर्किल की संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले अधिकारियों और कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। केंद्रीय संयुक्त संघर्ष समिति, नई दिल्ली के आह्वान पर आयोजित इस प्रदर्शन में कर्मचारियों ने मध्यावकाश के दौरान वॉकआउट कर अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की।संघर्ष समिति ने चेतावनी दी कि यदि उनकी 10 सूत्रीय मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो 13 मई को हड़ताल की जाएगी। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने कैडर रिव्यू, पदोन्नति, भर्ती नियमों में संशोधन, इंटर चार्ज ट्रांसफर नीति बहाल करने और वेतन विसंगतियों को दूर करने की मांग उठाई।कर्मचारियों और अधिकारियों की प्रमुख मांगों में कैडर रिव्यू एवं पुनर्गठन प्रक्रिया को अंतिम रूप देना, 2014 बैच और उसके बाद के पीआर आईआरएस अधिकारियों की समस्याओं का समाधान, आयकर अधिकारियों की वरिष्ठता सूची जारी करना और भर्ती नियमों में संशोधन शामिल हैं।इसके अलावा निरीक्षक, कार्यालय अधीक्षक और कर सहायक पदों पर पदोन्नति प्रक्रिया में बदलाव, इंटर चार्ज ट्रांसफर नीति को बहाल करने, सेवा संबंधी न्यायिक निर्णयों का लाभ कर्मचारियों को देने तथा वेतन विसंगतियां दूर करने की मांग भी रखी गई।संघर्ष समिति ने नव-प्रोन्नत आयकर अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों को लैपटॉप उपलब्ध कराने तथा विभागीय कार्य प्रणाली में सुधार की मांग भी उठाई। प्रदर्शन में आयकर राजपत्रित अधिकारी संघ और आयकर कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारियों समेत बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। प्रमुख रूप से राघवेन्द्र सिंह, सुनील कुमार, शरद प्रकाश अग्रवाल, नवनीत शुक्ला, शिवेंदु श्रीवास्तव मौजूद रहे।