
अपार्टमेंट धंसा, दीवारें गिरीं, शहर में हाहाकार
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। शुक्रवार को हुई मूसलाधार बारिश ने पूरे शहर को पानी-पानी कर दिया। देर रात करीब 1 बजे से सुबह 5 बजे तक लगभग 99.9 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिसके बाद शहर की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। कई जगह जलभराव, जाम और बड़े हादसे सामने आए।सबसे गंभीर घटना काकादेव क्षेत्र के पांडु नगर स्थित हरमोनी विला अपार्टमेंट में हुई, जहां अचानक बेसमेंट और एक हिस्सा धंस गया। इस हादसे के बाद सोसायटी में अफरा-तफरी मच गई। प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 50 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। राहत टीमों ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। इसी दौरान ऑर्डिनेंस फैक्ट्री (ओईएफ) की लगभग 100 फीट लंबी पुरानी बाउंड्री वॉल भी बारिश के दबाव में भरभराकर गिर गई। गनीमत रही कि उस समय इलाके में आवाजाही कम थी, जिससे बड़ा हादसा टल गया।बारिश के बाद शहर के कई प्रमुख इलाकों में गंभीर जलभराव देखने को मिला। स्वरूप नगर, पी-रोड, मरियमपुर चौराहा, शास्त्री नगर, किदवई नगर, गोविंद नगर, नौबस्ता, जूही, बाबूपुरवा, चकेरी, बर्रा और जाजमऊ जैसे क्षेत्रों में सड़कें तालाब बन गईं। कई जगहों पर घुटनों तक पानी भर गया और घरों व दुकानों में भी पानी घुस गया। जलभराव के कारण यातायात पूरी तरह ठप हो गया। स्वरूप नगर और लाजपत नगर में घंटों लंबा जाम लगा रहा, जबकि मरियमपुर से हैलेट पुल और गोविंद नगर नए पुल पर भी वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं। कई वाहन पानी में बंद हो गए जिन्हें धक्का लगाकर निकालना पड़ा।सुबह ऑफिस और स्कूल जाने वाले लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। कई लोग घुटनों तक पानी में चलकर अपने गंतव्य तक पहुंचे। पी-रोड और आसपास के क्षेत्रों में वाहन बेहद धीमी गति से चलते रहे।हैलट अस्पताल और कांशीराम अस्पताल परिसर में भी जलभराव हो गया, जिससे मरीजों और तीमारदारों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई जगह व्हीलचेयर और स्ट्रेचर तक पानी में से होकर ले जाए गए।स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम द्वारा नाला सफाई के दावे किए गए थे, लेकिन पहली ही भारी बारिश में व्यवस्था पूरी तरह फेल नजर आई। लोगों ने आरोप लगाया कि हर साल करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद हालात नहीं बदलते।प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जिन भी स्थानों पर लापरवाही या निर्माण की वजह से नुकसान हुआ है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।कानपुर की यह बारिश एक बार फिर शहर की कमजोर ड्रेनेज व्यवस्था और अनियंत्रित निर्माण पर गंभीर सवाल खड़े कर गई है।

पहली बारिश में खुल गई नाला सफाई की पोल
नगर निगम ने मानसून से पहले नालों की सफाई पूरी होने का दावा किया था, लेकिन पहली अच्छी बारिश में ही कई नालियां उफनाने लगीं। जहां सिल्ट समय पर नहीं हटाई गई, वहां पानी सड़कों पर फैल गया। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि हर साल करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद बारिश में हालात नहीं बदलते।

कानपुर के प्रमुख इलाके जहां हुआ जलभराव
- शारदा नगर
- स्वरूप नगर
- पी-रोड
- पांडव नगर
- मरियमपुर हॉस्पिटल के सामने वाली रोड
- शास्त्री नगर
- किदवई नगर चौराहा
- गोविंद नगर पुलिया के आसपास
- जूही और बाबूपुरवा की अंदरूनी सड़कें
- चकेरी और रामादेवी क्षेत्र के साथ कांशीराम हॉस्पिटल
- बर्रा और नौबस्ता के निचले इलाके
- जाजमऊ की कई गलियां
- यशोदा नगर और आसपास की कॉलोनियां