
PARDARSHI VIKASH NEWS विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र एवं तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश शैलेंद्र सचान की अदालत ने 24 साल पुराने लूट और पुलिस पर हमले के मामले में नौ आरोपियों को दोषी ठहराया है। मुख्य आरोपी छोटे जाटव को लूट और चोरी का माल बरामद होने के मामले में पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई है।वहीं, आठ अन्य आरोपियों को पुलिस कार्य में बाधा डालने, मारपीट, गाली-गलौज और धमकी देने के आरोप में दोषी मानते हुए सजा सुनाई गई।मामला 4 नवंबर 2002 की रात करीब 7:45 बजे का है। गांव ढिलावल के पास आम के बाग के सामने राजेश जाटव, निहाल सिंह और बादाम सिंह साइकिल से गांव लौट रहे थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने उन्हें रोककर लाठी-डंडों से मारपीट की और राजेश जाटव से 150 रुपये लूट लिए।घटना की सूचना पर गश्त कर रही पुलिस मौके पर पहुंची और पीछा कर मुख्य आरोपी छोटे जाटव को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से लूटे गए 150 रुपये भी बरामद किए गए।आरोपी की गिरफ्तारी के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण ट्रैक्टरों से मौके पर पहुंचे और उसे छुड़ाने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस टीम के साथ मारपीट, गाली-गलौज और सरकारी कार्य में बाधा डालने की घटना हुई। पुलिस ने मौके से कई लोगों को गिरफ्तार किया था।सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पुलिसकर्मियों समेत कई गवाहों के बयान अदालत में पेश किए। बचाव पक्ष ने आरोपों को झूठा बताते हुए सभी आरोपियों को गरीब मजदूर बताया।दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने छोटे जाटव को पांच साल की सजा और दो हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। वहीं, निहाल सिंह, रघुवीर, नवरतन, जितेंद्र, गिरीश, दुर्गेश, सत्यवीर और सुधीर को सरकारी कार्य में बाधा, पुलिस से मारपीट और धमकी देने के मामले में दो-दो वर्ष की सजा तथा प्रत्येक पर दो-दो हजार रुपये जुर्माना लगाया गया।