
पारदर्शी विकास न्यूज़ लखनऊ। अपर मुख्य सचिव शिक्षा पार्थ सारथी सेन ने यूट्यूब लाइव संवाद में शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि कक्षा-कक्ष ही शिक्षा परिवर्तन की सबसे बड़ी प्रयोगशाला है और शिक्षक शिक्षा व्यवस्था की धुरी हैं। उन्होंने घोषणा की कि प्रदेश सरकार जल्द ही 21 हजार शिक्षकों और अनुदेशकों की भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी। उन्होंने कहा कि तीन से छह वर्ष की आयु बच्चों के मस्तिष्क विकास का स्वर्णिम काल है, इसलिए प्रारंभिक शिक्षा और सकारात्मक वातावरण पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। साथ ही आंगनबाड़ी, आशा, एएनएम, शिक्षक और ग्राम प्रधान के समन्वय से शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने पर जोर दिया।अपर मुख्य सचिव ने बताया कि शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और कस्तूरबा विद्यालयों के शिक्षकों को पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने शिक्षकों से निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि निपुण भारत मिशन की सफलता शिक्षकों की प्रतिबद्धता पर निर्भर है।