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15 साल से नहीं बढ़ा स्टाइपेंड

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25 हजार की मांग पर आयुष छात्रों का प्रदर्शन

पारदर्शी विकास न्यूज़ लखनऊ। 15 साल से स्टाइपेंड में बढ़ोतरी नहीं होने से नाराज आयुष छात्रों ने बुधवार को हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा पर प्रदर्शन किया। छात्रों ने मौजूदा 7,500 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड को बढ़ाकर 25 हजार रुपये करने की मांग की। तेज धूप के बावजूद बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं प्रदर्शन में शामिल हुए। छात्रों ने पोस्टर-बैनर लेकर नारेबाजी की और डिप्टी सीएम बृजेश पाठक से मुलाकात की मांग पर अड़े रहे।प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आयुष छात्रों को साढ़े चार साल की पढ़ाई के बाद एक साल की इंटर्नशिप करनी होती है। इस दौरान वे अस्पतालों में मरीजों के इलाज और अन्य चिकित्सा कार्यों में अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं। इसके बावजूद उन्हें 2011 से अब तक केवल 7,500 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड मिल रहा है। छात्रों के मुताबिक बढ़ती महंगाई में यह रकम उनके रहने और रोजमर्रा के खर्च के लिए पर्याप्त नहीं है।डॉक्टर पवन शुक्ला ने कहा कि 15 साल में महंगाई काफी बढ़ गई, लेकिन आयुष इंटर्न का स्टाइपेंड नहीं बढ़ा। उनका कहना है कि कई छात्र किराए के कमरों में रहते हैं और मौजूदा स्टाइपेंड से किराया तक पूरा करना मुश्किल है। उन्होंने MBBS और BDS इंटर्न के स्टाइपेंड में हुई बढ़ोतरी का हवाला देते हुए आयुष छात्रों के लिए भी समान व्यवस्था की मांग की।प्रखर सिंह चौहान ने बताया कि प्रदेश में करीब 5 हजार आयुष इंटर्न हैं। छात्रों का दावा है कि एक दिन पहले डिप्टी सीएम से मुलाकात के दौरान कार्रवाई का आश्वासन मिला था, लेकिन मांग पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। छात्रों ने चेतावनी दी कि मांग पूरी होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।