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128 फीट ऊंचे घंटाघर का रहस्य

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उड़ीं सुइयां या हुई चोरी? मंत्रालय ने मांगी रिपोर्ट

पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। ऐतिहासिक पहचान और कभी ‘पूर्व का मैनचेस्टर’ कहलाने वाली औद्योगिक नगरी की धरोहर लाल इमली मिल का 105 वर्ष पुराना क्लॉक टावर एक बार फिर चर्चा में है। इस बार वजह मिल का संचालन नहीं, बल्कि टावर की घड़ी से सुइयों का रहस्यमय तरीके से गायब होना है। 128 फुट ऊंचे इस ऐतिहासिक घंटाघर से सुइयों के लापता होने का मामला अब केंद्र सरकार के वस्त्र मंत्रालय तक पहुंच गया है। मामला 5 जून को सामने आया, जब लोगों ने देखा कि क्लॉक टावर की घड़ी में लगी सुइयां अपनी जगह पर नहीं हैं। शुरुआत में मिल प्रबंधन ने दावा किया कि हाल में आए तेज आंधी-तूफान के कारण सुइयां क्षतिग्रस्त होकर गिर गई होंगी। हालांकि बाद में चोरी की आशंका भी सामने आने लगी, जिससे पूरे घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया।घटना की गंभीरता को देखते हुए वस्त्र मंत्रालय ने मामले का संज्ञान लिया है। मंत्रालय के डिप्टी डायरेक्टर जनरल अखिलेश कुमार ने स्थानीय प्रबंधन से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह तय हो सकेगा कि सुइयां प्राकृतिक कारणों से गिरी हैं या उन्हें चोरी किया गया है। यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।इस घटना ने लाल इमली मिल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। कर्मचारी यूनियन का कहना है कि मिल परिसर में सुरक्षा के लिए 112 सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। ऐसे में इतनी ऊंचाई पर लगी भारी धातु की सुइयों का गायब होना कई सवाल पैदा करता है। वहीं दूसरी ओर लंबे समय से रखरखाव के अभाव में टावर की स्थिति जर्जर हो चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि मौसम की मार और उपेक्षा के कारण भी सुइयां गिर सकती हैं।साल 1911 से 1921 के बीच निर्मित यह क्लॉक टावर कानपुर की औद्योगिक विरासत का प्रतीक माना जाता है। वर्ष 2013 में लाल इमली मिल बंद होने के बाद से इसकी देखरेख को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। अब मंत्रालय की जांच से ही स्पष्ट होगा कि शहर की इस ऐतिहासिक धरोहर से सुइयां आखिर गायब कैसे हुईं और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।

112 सुरक्षाकर्मी तैनात, फिर भी गायब हो गईं सुइयां!
इस पूरे घटनाक्रम ने मिल की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। लाल इमली कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष अजय सिंह के अनुसार, मिल परिसर की सुरक्षा के लिए बकायदा 112 सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। ऐसे में इतने सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी के बावजूद चोर इतनी ऊंचाई पर चढ़कर सुइयां कैसे ले उड़े?