
Pardarshi Vikas News Amethi
कम्पोजिट विद्यालय भादर प्रथम में उत्तर प्रदेशीय के प्राथमिक शिक्षक संघ और उत्तर प्रदेश जूनियर हाईस्कूल शिक्षक के संयुक्त तत्वाधान में शिक्षक सम्मान समारोह और शिक्षा उन्नयन गोष्ठी का आयोजन किया गया। समारोह में खंड शिक्षा अधिकारी शिव कुमार यादव के साथ उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक के अध्यक्ष अब्दुल रसीद और प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष धीरेन्द्र प्रताप सिंह ने सेवानिवृत्त शिक्षक, शिक्षिकाओं को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह और रामचरित मानस की प्रति भेंटकर सम्मानित किया।
शिव सिंह ने प्राथमिक विद्यालय मनीपुर, गौरीगंज से अपनी सेवा की शुरुआत की। प्राथमिक विद्यालय खरगपुर, रघईपुर, उ प्रा वि घोरहा, कम्पोजिट विद्यालय दहियांवा में सेवाएं देते हुए 31मार्च को कम्पोजिट विद्यालय भादर प्रथम से सेवानिवृत्त हुए।
बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक के साथ प्रशिक्षक और एस आर जी के रूप में सेवाएं देने वाले बच्चा राम वर्मा ने प्राथमिक विद्यालय संसारीपुर से सेवा शुरू की। प्राथमिक विद्यालय राघवपुर में लम्बे समय तक सेवा देने के बाद प्राथमिक विद्यालय नगर डीह से सेवानिवृत्त हुए।
ऊषा सिंह ने प्राथमिक विद्यालय भदांव से सेवा शुरू की और 31मार्च को इसी विद्यालय से सेवानिवृत्त हुईं।
कार्यक्रम की शुरुआत मां वाणी के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।कम्पोजिट विद्यालय भादर प्रथम की छात्राओं ने सुमधुर वाणी वंदना प्रस्तुत की।
उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और कम्पोजिट विद्यालय भादर प्रथम के इं प्र अ ने अतिथियों और शिक्षक शिक्षिकाओं का स्वागत किया। स्वागत भाषण में उन्होंने सीखने और सिखाने की प्रक्रिया में जीवन भर निरंतरता बनाए रखने पर जोर दिया और कहा कि शिक्षक कभी रिटायर नहीं होता। सेवानिवृत्त होने के बाद भी शिक्षक के अनुभव और ज्ञान का लाभ समाज को मिलता है। सेवानिवृत्त हुए शिक्षकों और शिक्षिका के शेष जीवन में स्वस्थ, निरोगी और समाजोपयोगी बने रहने की मंगल कामना की।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष धीरेन्द्र प्रताप सिंह ने शिक्षक/शिक्षिकाओं को ईमानदारी और निष्ठा से दायित्व निर्वहन की अपील की और कहा कि समाज में गुरु के प्रति सम्मान कम होना सबसे बड़ी चुनौती है। नित नये परिवर्तनों के बीच बच्चों को अच्छी शिक्षा देकर अभिभावकों का विश्वास हासिल करना हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक के जिला अध्यक्ष अब्दुल रसीद ने बेसिक शिक्षा विभाग की वर्तमान स्थिति और सरकार की नीतियों के बारे में विस्तार से संवाद किया और शिक्षकों को ईमानदारी से दायित्व निर्वहन करने और अभिभावकों का विश्वास हासिल करने के संदेश दिए। शिक्षकों को आईसीटी का मर्मज्ञ बनने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि विद्यालय ही शिक्षकों के सम्मान का आधार है।
सम्मान समारोह की अध्यक्षता सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक चंद्र हास सिंह ने की। संचालन प्रवीन कुमार सिंह और उमेश त्रिपाठी ने किया।
सेवानिवृत्त शिक्षक राम कुमार दुबे, जामवंत मौर्य, ज्ञानेन्द्र प्रताप सिंह, जयनारायण, उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के ब्लाक अध्यक्ष कपिलेश यादव, उपाध्यक्ष ज्ञान चंद पांडेय,मंत्री देवांशु सिंह आदि ने कार्यक्रम को संबोधित किया।
कार्यक्रम में स्वागत और सम्मान करने वाले प्रमुख शिक्षक -एक नजर
रविशंकर दूबे, त्रिवेणी यादव,सुनील कुमार पाल, इन्द्र पाल गौतम, सुभाष सिंह, फूल चंद्र बौद्ध,प्रमोद मिश्रा, विनोद कुमार गौतम,रोहित प्रताप सिंह,अनुराग शुक्ल, निरंजन कुमार भीम, रीता यादव,ममता सिंह,अलख कुमार मिश्र, अविनाश पाल,अजय सिंह, सौरभ शुक्ला , सुमन सिंह,शिवसहाय यादव,शरद प्रकाश सिंह, संदीप ओझा,अजय जायसवाल, राजेश कुमार,राघवेन्द्र सिंह ,ओम प्रकाश राव,सुरेश चंद्र पाल,सतीश शर्मा, विक्रम उपाध्याय,होम प्रकाश ,बृजभूषण शरण सिंह, पूर्णिमा सिंह,रत्नप्रभा गौतम, विजय शंकर सिंह, अवनीश वर्मा, विजय प्रताप, संध्या गुप्ता, ललिता कुशवाहा प्रीति जायसवाल,रेशमा सिंह,मंजू सिंह, सुनील श्रीवास्तव, शिवकरन गुप्ता,अनुपम सिंह स्नेहा, प्रतिभा ओझा, रीता गुप्ता।
कोट
शिक्षक सजग और सावधान रहें। सरकार बेसिक शिक्षा विभाग को खत्म करने की साज़िश कर रही है।ई सी सी एजूकेटर की नियुक्ति एक संदेश है, सरकार शिक्षकों की भर्ती नहीं करना चाहती। नेपाल की सरकार ने सरकारी स्कूलों को मजबूती प्रदान करने के लिए प्राइवेट स्कूलों को बंद कर दिया है, उत्तर प्रदेश की सरकार परिषदीय स्कूलों को बंद कर रही है और प्राइवेट स्कूलों को संरक्षण प्रदान कर रही है। स्कूलों को बचाने की चुनौती हमारे सामने है। शिक्षक निडर होकर ईमानदारी से ड्यूटी करें, अधिकारियों के निरीक्षण से डरने की जरूरत नहीं । बच्चों के प्रति स्नेह बनाए रखें, अभिभावकों का विश्वास निरंतर बढ़ाएं,यही हमारी पूंजी है।
अब्दुल रसीद
प्रांतीय मंत्री
उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ
कोट
सेवानिवृत्त शिक्षकों ने बेसिक शिक्षा विभाग में हुए परिवर्तनों को जिया है। इनके पास अनुभव और ज्ञान का भंडार है। समाज के विकास में इनका योगदान बहुत बड़ा है। सेवानिवृत्त शिक्षक अपने अनुभव के भंडार का लाभ समाज को देते हैं,यही अनुरोध और अपील है। सेवानिवृत्त शिक्षकों का शेष जीवन, स्वस्थ, निरोगी और समाजोपयोगी बना रहे