
PARDARSHI VIKASH NEWS उन्नाव में जिलाधिकारी घनश्याम मीना ने पंचायती राज विभाग के कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को कार्यप्रणाली में सुधार लाने की कड़ी चेतावनी दी। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने ऑडिट प्रस्तरों के निस्तारण, वित्त आयोग की धनराशि के उपयोग, पंचायत भवन निर्माण, अमृत सरोवर, स्वच्छता और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया।समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने प्रत्येक सहायक विकास अधिकारी से ऑडिट प्रस्तरों के निस्तारित मामलों की जानकारी ली। विकास खंड सुमेरपुर में बड़ी संख्या में ऑडिट प्रस्तर लंबित पाए जाने और कार्य संतोषजनक न होने पर जिलाधिकारी ने संबंधित सहायक विकास अधिकारी को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी को उनका वेतन रोकने के निर्देश दिए।जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सुमेरपुर से असोहा ब्लॉक में स्थानांतरण के बावजूद जब तक सभी लंबित कार्य पूरे नहीं होंगे, तब तक उन्हें नई तैनाती पर कार्यभार ग्रहण नहीं करने दिया जाएगा। उन्होंने सभी सहायक विकास अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर सभी लंबित ऑडिट प्रस्तरों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।उन्होंने चेतावनी दी कि ऑडिट में किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता या धन के दुरुपयोग की शिकायत मिलने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी और रिकवरी भी कराई जाएगी। साथ ही पंचायतों को प्राप्त धनराशि का पारदर्शिता के साथ विकास कार्यों में उपयोग सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।बैठक में 15वें वित्त आयोग और पंचम राज्य वित्त आयोग से प्राप्त धनराशि के उपयोग की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी योजनाओं में मिली धनराशि का शत-प्रतिशत सदुपयोग हो और विकास कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं।इसके अलावा उन्होंने व्यक्तिगत शौचालय, ओडीएफ प्लस गांव, डिजिटल लाइब्रेरी, पंचायत उत्सव भवन, बहुउद्देशीय पंचायत भवन और अंत्येष्टि स्थल निर्माण कार्यों को गुणवत्तापूर्ण तरीके से समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रत्येक ग्राम पंचायत में अमृत सरोवर विकसित करने और मॉडल ग्राम की अवधारणा को आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया।अंत में जिलाधिकारी ने पंचायतों में स्वच्छता व्यवस्था, डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट को मजबूत करने के लिए भी आवश्यक निर्देश दिए।