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उन्नाव में माध्यमिक शिक्षा विभाग में करोड़ों की गड़बड़ी की जांच तेज

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PARDARSHI VIKASH NEWS उन्नाव में माध्यमिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों के हक और सरकारी धन के दुरुपयोग के मामलों को शासन ने गंभीरता से लिया है। अब जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) कार्यालय से निकलने वाले वेतन सहित सभी बिलों की गहन जांच कराई जाएगी। शिक्षा निदेशक माध्यमिक ने मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं।पीलीभीत के बाद अब उन्नाव में भी शिक्षकों के एनपीएस, एरियर, बोनस और अन्य सरकारी मदों में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। आरोप है कि एडेड विद्यालयों के शिक्षकों के साथ-साथ चपरासी और चौकीदारों के खातों में विभागीय बाबुओं द्वारा लाखों रुपये भेजे गए और बाद में नकद वापस लेकर उसका बंदरबांट किया गया।मामला उस समय और गंभीर हो गया जब पुरवा स्थित एमआरएस इंटर कॉलेज के एक शिक्षक से जुड़े भुगतान में गड़बड़ी की शिकायत उच्चाधिकारियों तक पहुंची। इसके बाद जिलाधिकारी ने परियोजना निदेशक तेजवंत सिंह, वरिष्ठ कोषाधिकारी कौशलेन्द्र सिंह और बेसिक शिक्षा अधिकारी को शामिल करते हुए एक जांच समिति गठित की।इससे पहले जिला विद्यालय निरीक्षक स्तर पर भी तीन सदस्यीय जांच टीम बनाई जा चुकी है। शुरुआती जांच में कई संदिग्ध भुगतान और वित्तीय अनियमितताओं के संकेत मिले हैं।सूत्रों के मुताबिक, मामला उजागर होने के बाद हेरफेर में शामिल बाबुओं ने अब तक करीब 40 लाख रुपये की धनराशि कोषागार में वापस जमा कर दी है। इससे आशंका जताई जा रही है कि विभाग में लंबे समय से वित्तीय अनियमितताओं का खेल चल रहा था।शासन स्तर पर पूरे मामले को लेकर सख्ती दिखाई जा रही है। शिक्षा निदेशक माध्यमिक की ओर से स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वेतन, एरियर, बोनस, एनपीएस और अन्य भुगतान से संबंधित बिलों के आहरण से पहले सभी दस्तावेजों और खातों का सत्यापन अनिवार्य रूप से किया जाएगा। यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।