
सम्पूर्ण समाधान दिवस में आईं 136शिकायतें,13का निस्तारण हुआ
pardarshi vikas news amethi
शनिवार को जिले की सभी तहसीलों में सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। सम्पूर्ण समाधान दिवस में कुल 136शिकायतें आईं हैं।13मामले निस्तारित किए गए हैं। तिलोई में डी एम संजय चौहान और पुलिस अधीक्षक सर्वानन टी ने जनसुनवाई की। सबसे अधिक प्रार्थना पत्र राजस्व विभाग से सम्बंधित रहे हैं।डी एम ने सभी अधिकारियों को जनशिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए।संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी ने शिकायतकर्ताओं की समस्या सुनकर मौके पर अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि शिकायतें लंबित न रखी जाये, शिकायतों को गम्भीरता से लेकर उनका प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने कहा कि जन सामान्य की शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करना हमारी प्राथमिकता है, मा. मुख्यमंत्री जी द्वारा भी जन सामान्य की शिकायतों के निस्तारण को लेकर कड़े निर्देश दिए गए हैं। किसी भी स्तर पर शिकायतों के निस्तारण में हीलाहवाली करने पर संबंधित अधिकारी, कर्मचारी के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाएगी। संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान पुलिस विभाग के संबंधित शिकायतों को अपर पुलिस अधीक्षक ज्ञानेंद्र सिंह ने सुना एवं संबंधित थानाध्यक्षों को निस्तारण के निर्देश दिए। आज तहसील तिलोई में कुल 54 शिकायतें प्राप्त हुई जिनमें 06 का मौके पर निस्तारण कराया गया, तहसील अमेठी में 32 शिकायतें प्राप्त हुई जिनमें 01 का निस्तारण किया गया, तहसील मुसाफिरखाना में 16 शिकायतें प्राप्त हुई जिनमें 02 शिकायतों का निस्तारण किया गया तथा तहसील गौरीगंज में 34 शिकायतें प्राप्त हुई, जिनमें 04 शिकायतों का निस्तारण किया गया तथा शेष शिकायतों के निस्तारण हेतु पुलिस और राजस्व की संयुक्त टीमें मौके पर भेजी गई। संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी ने समस्त जनपदीय अधिकारियों को निर्देश दिए की सभी अधिकारी अपने-अपने कार्यालय में प्रातः 10:00 बजे से 12:00 बजे तक जन समस्याओं को सुने तथा उनका प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करना सुनिश्चित करें। सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान अपर जिलाधिकारी न्यायिक अनिल चतुर्वेदी, उपजिलाधिकारी तिलोई अमित सिंह, जिला विकास अधिकारी वीरभानु सिंह, तहसीलदार तिलोई सहित जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
एक महीने में भी नहीं हुआ शिकायत का निस्तारण
विकास खंड भादर के राजस्व ग्राम केशवपुर के एक अवैध निर्माण के मामले का निस्तारण एक महीने में भी नहीं हुआ है।डी एम और एस डी एम के आदेश का अनुपालन करने के बजाय राजस्व निरीक्षक और लेखपाल ने प्रार्थना पत्र को रद्दी की टोकरी में डाल दिया है। विधवा महिला अपनी समस्या के हल के निस्तारण के हल के लिए तहसील और थाने का चक्कर लगाने को मजबूर हैं।