
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। शहर में विकास कार्यों के शिलापटों को लेकर सियासत एक बार फिर गरमा गई है। वार्ड संख्या-5 के भाजपा पार्षद आलोक पाण्डेय ने सीसामऊ विधानसभा क्षेत्र की विधायक नसीम सोलंकी पर बिना विधायक निधि के कराए गए सीवर लाइन कार्य का श्रेय लेने का आरोप लगाया है। उन्होंने इस मामले की शिकायत जलकल विभाग के महाप्रबंधक आनंद त्रिपाठी से करते हुए शिलापट हटाने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।पार्षद आलोक पाण्डेय का आरोप है कि उखड़ी रेलवे लाइन क्षेत्र में लगभग 400 मीटर लंबी सीवर लाइन का कार्य कराया गया था, लेकिन इस कार्य के लिए कोई विधायक निधि खर्च नहीं की गई। इसके बावजूद कार्य स्थल के निकट विधायक नसीम सोलंकी के नाम का शिलापट लगा दिया गया, जिसमें यह दर्शाया गया है कि कार्य विधायक निधि से कराया गया है। शिलापट पर पूर्व विधायक इरफान सोलंकी का नाम भी अंकित किया गया है।मामले को लेकर भाजपा पार्षद जलकल महाप्रबंधक कार्यालय पहुंचे और अपनी शिकायत दर्ज कराई। इस दौरान उन्होंने विरोध जताते हुए कार्यालय में जमीन पर बैठकर जांच की मांग की। अधिकारियों द्वारा कई बार कुर्सी पर बैठने का अनुरोध किए जाने के बावजूद वह जांच के आश्वासन तक अपनी मांग पर अड़े रहे।पार्षद ने कहा कि विकास कार्यों का गलत तरीके से राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास किया जा रहा है। यदि किसी जनप्रतिनिधि की निधि से कार्य नहीं कराया गया है तो उसका नाम शिलापट पर अंकित करना जनता को गुमराह करने जैसा है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।आलोक पाण्डेय ने जलकल महाप्रबंधक को लिखित शिकायत भी सौंपी है। शिकायत में उन्होंने शिलापट को तत्काल हटाने और यह पता लगाने की मांग की है कि बिना आवश्यक स्वीकृति के इसे किसके निर्देश पर लगाया गया।जलकल महाप्रबंधक आनंद त्रिपाठी ने पार्षद को मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि शिकायत की जांच कराई जाएगी और यदि आरोप सही पाए गए तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यदि विभागीय स्तर पर किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।फिलहाल इस विवाद ने शहर की राजनीतिक हलचल को बढ़ा दिया है और अब सभी की नजर विभागीय जांच के नतीजों पर टिकी हुई है।