
PARDARSHI VIKASH NEWS सरकारी दवाओं की कथित कालाबाजारी का बड़ा मामला सामने आया है। एफएसडीए और पुलिस की संयुक्त छापेमारी में दयालबाग क्षेत्र से बड़ी मात्रा में ऐसी दवाएं और इंजेक्शन बरामद हुए हैं, जिन पर “Government Supply, Not For Sale” अंकित था। आशंका जताई जा रही है कि इन्हें अवैध तरीके से बाजार में बेचने की तैयारी की जा रही थी। यह कार्रवाई ब्राइट फार्मा से जुड़ी शिकायतों के आधार पर की गई।छापेमारी के दौरान राहुल विहार स्थित एक मकान से एंटी-डी इंजेक्शन, इंसुलिन सहित कई जीवनरक्षक दवाएं मिलीं। जांच में सामने आया कि कुछ दवाओं पर लिखे सरकारी निशान को जानबूझकर मार्कर से मिटाने की कोशिश की गई थी, ताकि उन्हें सामान्य दवाओं की तरह बेचा जा सके। टीम को मौके पर कोई वैध बिल, स्टॉक रजिस्टर या खरीद-बिक्री से जुड़े दस्तावेज भी नहीं मिले, जिससे पूरा मामला संदिग्ध हो गया।जांच में यह भी पाया गया कि कई इंसुलिन और तापमान-संवेदनशील दवाएं बिना कोल्ड चेन व्यवस्था के सामान्य कमरे में रखी गई थीं, जिससे उनकी गुणवत्ता प्रभावित होने का खतरा था। बाद में आरोपी की पत्नी के बयान के आधार पर टीम ने फाउंटेन स्थित ब्राइट फार्मा पर भी जांच की, जहां से अतिरिक्त दवाएं बरामद हुईं।एफएसडीए ने पांच दवाओं के सैंपल जांच के लिए भेज दिए हैं और न्यू आगरा थाने में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि सरकारी दवाएं बाजार तक कैसे पहुंचीं और इस नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं।