
11 दलाल गिरफ्तार होकर छूटे, नामजद बाबू ऑफिस में करते रहे काम
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपूर। आरटीओ कार्यालय में सोमवार को हुई संयुक्त छापेमारी के बाद मंगलवार को कार्रवाई को लेकर कई सवाल खड़े हो गए। करीब 3 घंटे 10 मिनट चली कार्रवाई में 15 लोगों के खिलाफ काकादेव थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। इनमें आरटीओ कार्यालय के दो नामजद बाबू और 13 दलाल शामिल हैं। कार्रवाई के दौरान 11 दलालों को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन अगले दिन उन्हें जमानत पर छोड़ दिया गया।सोमवार को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम सदर अनुभव सिंह और एडीसीपी ऑपरेशंस सुमित सुधाकर रामटेके के नेतृत्व में आरटीओ कार्यालय में छापेमारी हुई थी। जांच के बाद प्रधान सहायक मधुर मिश्र, वरिष्ठ सहायक विपिन कुमार श्रीवास्तव समेत 15 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया।मामले में नामजद दोनों बाबुओं की गिरफ्तारी के लिए पुलिस तलाश कर रही थी, लेकिन मंगलवार को दोनों आरटीओ कार्यालय में विभागीय काम निपटाते नजर आए। इससे कार्रवाई की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठने लगे।काकादेव थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि गिरफ्तार किए गए 11 दलालों को जमानत पर छोड़ा गया है। उन्होंने बताया कि एफआईआर में पुलिस कार्य में बाधा, धोखाधड़ी और संगठित अपराध के आरोप लगाए गए हैं।मामले में नामजद बाबू मधुर मिश्र और विपिन श्रीवास्तव के अलावा दलाल संजय और हरेंद्र समेत अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।