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रिटायर्ड जेई से 95 लाख की ठगी, दंपती गिरफ्तार

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पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। पुलिस आवास निर्माण निगम के रिटायर्ड जूनियर इंजीनियर से लैप्स बीमा पॉलिसियों का प्रीमियम रिफंड कराने के नाम पर 95 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। नजीराबाद पुलिस ने आरोपी दंपती को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने खुद को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया का अधिकारी बताकर करीब 9 वर्षों तक पीड़ित को झांसे में रखा। डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि शारदा नगर निवासी जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव पुलिस आवास निर्माण निगम में जेई पद से वर्ष 2022 में रिटायर्ड हुए थे। उनकी 28 बीमा पॉलिसियों में से 22 पॉलिसी किस्तें जमा न होने के कारण लैप्स हो गई थीं। वर्ष 2017 में पॉलिसी रिफंड की जानकारी के लिए इंटरनेट पर खोज के दौरान उन्हें RBI जैसी दिखने वाली फर्जी वेबसाइट और मोबाइल नंबर मिला। नंबर पर संपर्क करने पर आरोपी ने खुद को RBI का जनरल मैनेजर बताते हुए फर्जी दस्तावेज भेजे और पॉलिसी रिफंड कराने के नाम पर अलग-अलग किश्तों में 95 लाख रुपये अपने और पत्नी के खातों में ट्रांसफर करा लिए। लंबे समय तक रकम देने के बावजूद रिफंड नहीं मिलने पर पीड़ित ने साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद पुलिस ने जेके मंदिर नहरिया के पास जाल बिछाकर आरोपी दीपक सिंह और उसकी पत्नी आंचल को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक आरोपी दीपक सिंह सुल्तानपुर का रहने वाला है और इंटरमीडिएट पास है, जबकि उसकी पत्नी आंचल ने जीएनएम कोर्स किया है। जांच में पता चला कि ठगी की रकम से आरोपियों ने XUV 3XO कार, iPhone-15 और अन्य महंगे सामान खरीदे थे। पुलिस ने उनके पास से लैपटॉप, मोबाइल फोन, चेकबुक और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी बरामद किए हैं। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने RBI की फिशिंग वेबसाइट तैयार की थी, जिसे बाद में बंद कर दिया गया। इसके बाद वह फोन के जरिए पीड़ित के संपर्क में बना रहा। पूछताछ में आरोपी दीपक ने बताया कि उसे पैर के ऑपरेशन के लिए पैसों की जरूरत थी। उसने स्वीकार किया कि उसने खुद को RBI मैनेजर बताकर पैसे लिए थे और रकम पत्नी के खाते में भी ट्रांसफर की थी।