
एन जी ओ और ग्राम पंचायतों के बीच अनुबंध प्रकिया तेज,50 गोशालाएं हस्तांतरित
विरोध में ग्राम प्रधानों के ज्ञापन को सरकार ने दर किनार किया
संजीव भारती
PARDARSHI VIKASH NEWS लखनऊ/अमेठी। निदेशक प्रशासन और विकास पशुपालन विभाग की उत्तर प्रदेश की उपस्थिति में मार्च में लिए गए निर्णय का अनुपालन शुरू हो गया है। उत्तर प्रदेश के सभी वृहद गो वंश आश्रय स्थलों का संचालन अब एन जी ओ,कारपोर्ट फर्मों, पंजीकृत समितियों,एफ पी ओ और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से किया जा रहा है। प्रदेश में 258एन जी ओ इस काम के लिए चयनित किए गए हैं।707वृहद गोवंश आश्रय स्थल इन्हें आवंटित किए जा रहे हैं। मंगलवार तक प्रदेश के आधा दर्जन जिलों में पचास के आसपास संख्या में एन जी ओ और ग्राम पंचायत सचिवों के बीच एम ओ यू अनुबंध पूरे हो गए हैं। प्रदेश के कई जिलों में ग्राम प्रधानों ने इस संचालन प्रक्रिया के विरोध में ज्ञापन सौंपा है परंतु सरकार और जिला प्रशासन ने कोई विचार नहीं किया है। चयनित एन जी ओ के साथ अनुबंध की प्रक्रिया सख्ती से पूरी कराई जा रही है। उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से वृहद गो आश्रय स्थलों के संचालन में ग्राम प्रधानों, खंड विकास अधिकारियों और चिकित्सा अधिकारियों की ओर से की जा रही गड़बड़ी, पशु आहार और हरे चारे के नाम पर धन की बंदरबांट की शिकायतों को सरकार ने गंभीरता से लिया है। मार्च में बैठक करके पहले चरण में प्रदेश के 707वृहद गो आश्रय स्थलों का संचालन एन जी ओ को दिया जा रहा है।एन जी ओ को आवंटन पत्र मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी जारी कर रहे हैं। इन वृहद गो आश्रय स्थलों के समीप स्थित छोटी गोशालाओं को उनके साथ मर्ज किया जा रहा है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार कौशांबी में 12,संत कबीर नगर में तीन , लखीमपुर खीरी में 12, प्रतापगढ़ में तीन, सुल्तानपुर में दो और अमेठी में 18वृहद गोवंश आश्रय स्थलों/गोशालाओं को एन जी ओ को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया गतिमान है। कौशाम्बी में हस्ताक्षर प्रकिया और एन जी ओ के साथ अनुबंध का काम पूरा हो चुका है।
अमेठी में एन जी ओ को दी गई 18 गोशालाएं
अमेठी। जिले में सवा सौ से अधिक छोटी बड़ी गोशालाएं संचालित हैं, इनमें से सी वी ओ डा गोपाल कृष्ण शुक्ल ने मंगलवार तक 18गोशालाओं को एन जी ओ को आवंटित कर दिया है। मंगलवार को वृहद गोवंश आश्रय स्थल सरैया दुबान और वृहद गो वंश आश्रय स्थल तारापुर को मां दुर्गा स्वयं सहायता समूह को हस्तांतरित करने के लिए अनुबंध की प्रक्रिया पूरी की गई।
अधिकांश ग्राम प्रधान गोशालाओं को एन जी ओ को देने के पक्ष में नहीं है। ग्राम प्रधानों ने डी एम को ज्ञापन भी दिया है। डी एम संजय चौहान ने ग्राम प्रधानों से स्पष्ट रूप से कहा है कि अब वे न तो नीतिगत निर्णय ले सकते हैं और न ही नयी परियोजना पर काम शुरू कर सकते हैं।शासन के निर्देशानुसार गोशालाओं को एन जी ओ को हस्तांतरित न करने वाली ग्राम पंचायतों के विरुद्ध कार्रवाई की जायेगी।
अमेठी जिले में एन जी को आवंटित गोशालाओं का विवरण -एक नजर
संस्था का नाम -आवंटित गोवंश आश्रय स्थल
1-स्नेह उदय समाज कल्याण संस्था-अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल लहना और रतापुर2-होम लाइट फाउंडेशन प्रतापगढ़ -अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल अगहर, अमेठी,गोरखापुर-संग्रामपुर,खारा, विकास खंड -सिंहपुर
3-बी बी जी इंडिया लिमिटेड
अस्थाई गोवंश आश्रय स्थल बेसारा,अन्नीबैजल, पंडरी और वृहद गो वंश आश्रय स्थल टीकरमाफी, भादर
4-मां दुर्गा स्वयं सहायता समूह
वृहद गो वंश आश्रय स्थल सरैया दुबान और गो आश्रय स्थल गडेरी
वृहद गो वंश आश्रय स्थल तारापुर, संग्रामपुर
5-बाबा राम लखन प्रोड्यूसर कम्पनी -गो आश्रय स्थल भेंवई और खाझा
6-आशा मिलन फाउंडेशन मंडेरिका , अमेठी
गो आश्रय स्थल बघईयापुर कमालपुर, दक्खिन गांव,रोंहसी बुजुर्ग
7-विकास इंटरप्राइजेज -गो आश्रय स्थल-ठेंगहा
8-आर के इंटरप्राइजेज -गो आश्रय स्थल कोरारी लच्छन शाह