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प्राथमिक विद्यालयों में एनसीआरटी पाठ्य-पुस्तकों पर आधारित शिक्षण व्यवस्था लागू करेगी सरकार, 22जून से संदर्भदाताओ के प्रशिक्षण‌ की तैयारी

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संजीव भारती 

PARDARSHI VIKASH NEWS लखनऊ। उत्तर प्रदेश का बेसिक शिक्षा विभाग निपुण भारत मिशन की मजबूती को एनसीआरटी पाठ्य-पुस्तकों को शिक्षण व्यवस्था का आधार बनाने की तैयारी कर रही है। जुलाई में शिक्षकों और शिक्षामित्रों को पांच दिवसीय प्रशिक्षण देकर सरकार एफ एन एल में नई व्यवस्था लागू करेगी।232शैक्षणिक संदर्भदाताओं‌ को तीन सप्ताह का राज्य स्तरीय आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा।उत्तर प्रदेश सरकार निपुण भारत मिशन को विद्यालय स्तर पर और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। एफएलएन (फाउंडेशन लिटरेसी एंड नुमैरेसी) तथा एनसीईआरटी आधारित पाठ्यपुस्तकों पर आधारित शिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रदेश के 58 जनपदों से 232 शैक्षणिक संदर्भदाताओं को राज्य स्तरीय आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा।तीन चरणों में 22 जून से 10 जुलाई तक राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान (SIHFW), लखनऊ में आयोजित होने वाले इस प्रशिक्षण के माध्यम से एआरपी और डायट मेंटरों की ऐसी प्रशिक्षित टीम तैयार की जाएगी, जो आगे चलकर ब्लॉक स्तर पर हजारों शिक्षकों को प्रशिक्षित कर निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को कक्षा-कक्ष तक प्रभावी ढंग से पहुंचाएगी। योगी सरकार की यह पहल बुनियादी शिक्षा में गुणवत्ता, सीखने के परिणामों और निपुण लक्ष्यों की प्राप्ति को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि योगी सरकार का फोकस केवल विद्यालयों में आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि कक्षा-कक्ष में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सुनिश्चित करने पर भी है। इसी उद्देश्य से शैक्षणिक सत्र 2026-27 में निपुण भारत मिशन के अंतर्गत एफएलएन और एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकों पर आधारित प्राथमिक विद्यालयों के सभी शिक्षकों एवं शिक्षा मित्रों के लिए प्रस्तावित पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम को प्रभावी बनाने हेतु जिला स्तरीय संदर्भदाताओं का राज्य स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है।एसआईएचएफडब्ल्यू, सेक्टर-18, इंदिरा नगर, लखनऊ में तीन चरणों में किया जाएगा। प्रथम चरण 22 जून से 26 जून, द्वितीय चरण 29 जून से 3 जुलाई तथा तृतीय चरण 6 जुलाई से 10 जुलाई 2026 तक आयोजित होगा। इन तीनों चरणों में कुल 58 जनपदों से 232 प्रतिभागी प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। प्रत्येक जनपद से चार संदर्भदाता नामित किए जाएंगे, जिनमें दो एआरपी और दो डायट मेंटर शामिल होंगे।प्रशिक्षण के लिए चयनित चार संदर्भदाताओं में कम से कम एक-एक प्रतिभागी हिंदी, गणित और अंग्रेजी विषय से संबंधित होना अनिवार्य किया गया है। जिन जनपदों में एआरपी की संख्या दो से कम होगी, वहां अतिरिक्त डायट मेंटरों को नामित किया जाएगा। विषय की गहरी समझ और प्रशिक्षण संचालन की क्षमता रखने वाले एआरपी एवं डायट मेंटरों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।राज्य स्तर पर प्रशिक्षित किए जाने वाले ये संदर्भदाता आगे ब्लॉक संसाधन केंद्रों पर आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों में मास्टर ट्रेनर की भूमिका निभाएंगे। इनके माध्यम से प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों और शिक्षा मित्रों तक एफएलएन आधारित शिक्षण पद्धति, एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकों की अवधारणाएं और निपुण लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाएगा। इससे प्रदेशभर में शिक्षण की गुणवत्ता और एकरूपता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।निपुण भारत मिशन का मूल उद्देश्य बच्चों में आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान को मजबूत करना है। योगी सरकार द्वारा लगातार शिक्षक प्रशिक्षण, अकादमिक अनुश्रवण, निपुण मूल्यांकन और गतिविधि आधारित शिक्षण को बढ़ावा दिया जा रहा है। संदर्भदाताओं का यह विशेष प्रशिक्षण उसी व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसके माध्यम से बच्चों के सीखने के परिणामों में सुधार, कक्षा-कक्ष शिक्षण को अधिक प्रभावी बनाना और निपुण लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करना लक्ष्य है।