news-details

मुंशी प्रेमचंद पुस्तकालय स्थापना दिवस पर विचार गोष्ठी आयोजित

You can share this post!

 

पारदर्शी विकास ब्यूरो, देवरिया। किसान मजदूर विचार केंद्र एवं मुंशी प्रेमचंद पुस्तकालय एवं वाचनालय, बघड़ा महुआरी (देवरिया) के स्थापना दिवस के अवसर पर गुरुवार को एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में साहित्य, समाज, शिक्षा और समकालीन मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई तथा मुंशी प्रेमचंद के साहित्य की वर्तमान समय में उपयोगिता पर वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए।मुख्य वक्ता शिवाजी राय ने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण होता है, जो परिवार, समाज और राष्ट्र को दिशा देने का कार्य करता है। उन्होंने कहा कि मुंशी प्रेमचंद के साहित्य में सर्वहारा वर्ग के जीवन, संघर्ष और सामाजिक यथार्थ का सजीव चित्रण मिलता है, जो आज भी उतना ही प्रासंगिक है जितना उनके समय में था।राष्ट्रीय समानता दल के प्रदेश अध्यक्ष संजय दीप कुशवाहा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में स्थापित यह पुस्तकालय शिक्षा, ज्ञान और सामाजिक जागरूकता का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि ऐसे संस्थान युवाओं को सकारात्मक विचारों और अध्ययन की संस्कृति से जोड़ने में अहम भूमिका निभाते हैं।अमेरिका में बीटेक के छात्र रघुनंदन शाही ने युवाओं से विभिन्न विचारधाराओं, धर्मों और समकालीन राजनीतिक घटनाक्रमों को समझने का आह्वान करते हुए कहा कि जागरूक युवा ही समाज और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का बेहतर निर्वहन कर सकते हैं।गोष्ठी में शिक्षा अधिकार मंच के सह-संयोजक चतुरानन ओझा, किसान नेता गोवर्धन प्रसाद गोंड, भाकपा (माले) के पूर्व जिला सचिव राम किशोर वर्मा, राजेश आजाद तथा कामरेड हरेराम राय ने भी अपने विचार व्यक्त किए और साहित्य तथा सामाजिक चेतना के महत्व पर प्रकाश डाला।कार्यक्रम की अध्यक्षता जन मुक्ति आंदोलन के अध्यक्ष जनार्दन शाही ने की।