
Pardarshi Vikas News Amethi
जनपद सुल्तानपुर में आज बाबा साहब डॉ अम्बेडकर की जयंती के आयोजन के57वर्ष पूरे हो जाएंगे। यहां निर्वाण प्राप्त मेडई भीम के मार्गदर्शन में अम्बेडकर जयंती का आयोजन 1969में शुरू हुआ था।संविधान निर्माता बोधिसत्व बाबा साहब डॉ अम्बेडकर की जयंती के आयोजन की ऐतिहासिक परम्परा की नींव भदैंया विकास खंड के इस्लाम गंज गांव के मेडई भीम ने रखी थी।उस समय गांवों में जयभीम बोलना आसान नहीं था। जातिवादी मानसिकता के लोग बिलकुल बर्दाश्त नहीं करते थे।मेडई भीम ने अम्बेडकर जयंती के माध्यम से जो सामाजिक आंदोलन शुरू किया, उसके मूल में बाबा साहब डॉ अम्बेडकर के सभी आंदोलन आदर्श के रूप में थे। निर्वाण प्राप्त मेडई भीम ने अम्बेडकर कल्याण समिति नाम से सामाजिक संगठन स्थापित कर इसे संगठित रूप प्रदान किया। वर्तमान समय में जनपद सुल्तानपुर के 90फीसदी गांवों में अम्बेडकर कल्याण समिति की शाखाएं हैं।इन शाखाओं की ओर से 14अप्रैल को झांकियां और शोभायात्राएं निकाली जाती हैं। 6दिसम्बर को बाबा साहब डॉ अम्बेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर धम्म यात्रा और संगोष्ठियों के आयोजन किए जाते हैं।14अप्रैल को एक विशाल मेला लगता है।150से200की संख्या के बीच झांकियां नगर भ्रमण करती हैं।काफी समय तक हौसिला प्रसाद भीम ने अम्बेडकर कल्याण समिति का नेतृत्व किया।इस समय ओम प्रकाश गौतम और अनागरिक मेडई भीम के पौत्र डॉ जयभीम बौद्ध इस विरासत को आगे बढ़ाने में लगे हुए हैं।
1975से अमेठी में मनाई जा रही है अम्बेडकर जयंती
रामलीला मैदान में अम्बेडकर जयंती मनाने की शुरुआत 1975में हुई। भारतीय अनुसूचित जाति संघ के तत्कालीन तहसील अध्यक्ष चुन्नी लाल के नेतृत्व में निकाले गए पहले जुलूस में बमुश्किल 70लोग शामिल हुए थे।इस संगठन ने 1982तक जयंती मनाई।1982के बाद गौरीगंज में जयंती के आयोजन शुरू हुए।1990में लहूरी दास गौतम ने अम्बेडकर सेवा समिति की स्थापना की।तब से आज तक इसी समिति के बैनर तले रामलीला मैदान में जयंती मनाई जाती है ।1993में बाबा साहब डॉ अम्बेडकर की प्रतिमा की स्थापना की मांग को लेकर यहां बड़ा आंदोलन हुआ। पुलिस प्रशासन और बसपा समर्थकों के बीच संघर्ष हुआ। अमेठी कांड प्रदेश की राजनीति में सुर्खियों में रहा।2002में तत्कालीन मुख्यमंत्री बसपा सुप्रीमो मायावती ने अमेठी ब्लाक के तिराहे पर बाबा साहब डॉ अम्बेडकर की आदमकद प्रतिमा लगवाकर लोगों की मांग को 14साल बाद पूरा किया।इस प्रतिमा के सौन्दर्यीकरण में जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश अग्रहरि का विशेष योगदान रहा है।