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कम जमीन, ज्यादा मुनाफा: किसान ने सहफसली खेती से बनाई नई राह

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Pardarshi Vikas News Kushinagar

जनपद के किसान अब पारंपरिक खेती की सीमाओं को तोड़ते हुए वैज्ञानिक तरीकों को अपनाकर अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर रहे हैं। इसी दिशा में हाटा क्षेत्र के ग्राम अनिरुधवा निवासी कृषक श्री विभूति नारायण कुशवाहा ने गन्ने के साथ सहफसली खेती कर एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।

श्री कुशवाहा ने महज 0.12 हेक्टेयर भूमि में गन्ने के साथ टमाटर की सहफसल उगाकर कम समय में बेहतर आय अर्जित की है। उन्होंने बसंत काल में फरवरी माह के दौरान गन्ना प्रजाति Co-0118 की ट्रेंच विधि से करीब साढ़े चार फीट की दूरी पर बुवाई की। गन्ने की कतारों के बीच-बीच में टमाटर की एक-एक पंक्ति लगाकर खेत का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया गया।

किसान ने जानकारी दी कि अब तक लगभग 10 कुंतल टमाटर की बिक्री हो चुकी है, जिससे करीब 30 हजार रुपये की आमदनी प्राप्त हुई है। वहीं, वर्तमान में खेत में 20 से 25 कुंतल टमाटर और उत्पादन होने की संभावना है। यदि बाजार भाव स्थिर रहता है, तो टमाटर से कुल 90 हजार से 1 लाख रुपये तक की अतिरिक्त आय होने का अनुमान है।

खास बात यह है कि यह आय मात्र चार महीनों में प्राप्त हो रही है, जबकि इसके बाद गन्ने की फसल को विकसित होने के लिए पर्याप्त समय मिल जाता है। किसान के अनुसार गन्ने की उपज भी बेहतर रहने की उम्मीद है और प्रति कट्ठा लगभग 15 कुंतल उत्पादन मिल सकता है।

श्री कुशवाहा का कहना है कि वैज्ञानिक पद्धति और सहफसली खेती को अपनाकर किसान कम भूमि में भी अधिक लाभ कमा सकते हैं। उन्होंने अन्य किसानों से भी इस तकनीक को अपनाने की अपील की है।

गन्ने के साथ टमाटर की सहफसल कर यह किसान न केवल अपनी आमदनी बढ़ा रहा है, बल्कि पूरे क्षेत्र के किसानों के लिए एक प्रेरणा बनकर उभर रहा है।