
कानपुर। महाराजपुर थाना क्षेत्र के रूमा स्थित नेशनल हाईवे पर सोमवार सुबह हुए भीषण सड़क हादसे में भाई-बहन समेत तीन लोगों की मौके पर मौत हो गई, जबकि नौ अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा सुबह करीब छह बजे उस समय हुआ, जब तेज रफ्तार स्कॉर्पियो सड़क किनारे खड़े ट्रक में पीछे से जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कॉर्पियो के परखच्चे उड़ गए और वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।हादसे के समय स्कॉर्पियो में कुल 12 लोग सवार थे। सभी हरियाणा के सिरसा से बिहार के गया और झारखंड की ओर जा रहे थे। दुर्घटना के बाद वाहन में सवार लोग अंदर ही फंस गए। सूचना मिलते ही पुलिस, राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंचा। गैस कटर की मदद से वाहन को काटकर घायलों को बाहर निकाला गया और पहले कांशीराम अस्पताल, फिर गंभीर घायलों को हैलट अस्पताल रेफर किया गया।पुलिस के अनुसार हादसे में हरियाणा के सिरसा निवासी वाहन चालक बजरंग (45), बिहार के गया निवासी दिलकुश कुमार (11) और उसकी बहन नेहा (15) की मौत हो गई। मृतक बच्चों के पिता नरेश मांझी और उनकी पत्नी सावित्री देवी सहित अन्य घायलों का हैलट अस्पताल में उपचार चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार दो घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है।प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि स्कॉर्पियो की रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ट्रक सर्विस लेन में खड़ा था, तभी पीछे से स्कॉर्पियो उसमें जा टकराई। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया, लेकिन पुलिस ने करीब 13 किलोमीटर दूर तिवारीपुर ओवरब्रिज के पास ट्रक और चालक को पकड़ लिया। चालक की पहचान मिर्जापुर निवासी आदर्श सिंह के रूप में हुई है। उसने पुलिस को बताया कि वह ट्रक खड़ा कर विश्राम कर रहा था और हादसे के बाद घबराकर वहां से निकल गया था।घायलों में नरेश मांझी, सावित्री देवी, स्नेहा, वकील यादव, कविता कुमारी, अनीशा, रिया, हिमांशु और केसर भारती शामिल हैं। सभी का उपचार हैलट अस्पताल में जारी है।हादसे की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह हैलट अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना। उन्होंने चिकित्सकों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। वहीं अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है तथा आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।
"महाराजपुर थाना क्षेत्र में हुए सड़क हादसे में घायल सभी लोगों को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर उपचार शुरू कराया गया है। हैलट अस्पताल में भर्ती घायलों का स्वयं जाकर हालचाल लिया है। चिकित्सकों के अनुसार दो घायलों की हालत गंभीर है, जबकि अन्य सात घायल खतरे से बाहर हैं। सभी को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। मृतकों एवं घायलों के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। जिला प्रशासन पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।"-जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह
