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कोल्ड ड्रिंक्स कंपनियां तेजी से खत्म कर रहीं भूगर्भ जल भंडार

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पारदर्शी विकास न्यूज़ संग्रामपुर/अमेठी।  गोकुल प्रसाद इंटर कालेज राजापुर अमेरूआ में अमेठी जल बिरादरी की ओर से जलसंचय और भूगर्भ जल स्तर विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में वर्षाकाल में जल संचयन कर भूगर्भ जल भंडार बढ़ाने का संदेश दिया गया। डॉ अर्जुन पाण्डेय ने  पंच भौतिक तत्वों में जल की महत्ता  पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सदैव से चातुर्मास में प्रकृति की पनर्रचना की सीख मिलती रही है,जिसे पुरानी पीढ़ी बखूबी समझती रही है।जनपद में आज के पांच दशक पूर्व मालती एवं उज्जयिनी दोनों नदियां साल भर बहती रहती थी,जो आज सूखी पड़ी हैं केवल बरसात के समय जल देखने को मिलता है।मसियांव,समदा,बढैला,मैहार,चंदवा आदि बड़े तालाब अत्यधिक गाद के कारण सूखे पड़े हैं। अनधिकृत सैकड़ों वाटलिंग प्लांट एवं कोका-कोला के अत्यधिक जल दोहन से भूगर्भ जल स्तर 30-35 फीट तक जा चुका है। जनपद में भूगर्भ जल स्तर निरन्तर गिरता जा रहा है,जो चिंता का विषय है।भादर ब्लाक डार्क जोन में पहुंच चुका है। उभरते घोर जल संकट से उबरने  के लिए चौमासे की बरसात के पहले शासन एवं समाज को संज्ञान में लेने की जरूरत है। जनपद के जलस्रोतों के जल संचय द्वारा धरती का पेट भर कर भूगर्भ जल स्तर को उठाया जा सकता है।अध्यक्षता करते हुए मनोज कुमार द्विवेदी ने कहा कि भावी पीढ़ी के लिए शिक्षण संस्थाओं में जल साक्षरता की  व्यावहारिक इकाई का गठन करके गहराते जल संकट से उबर सकते हैं। कल के लिए आज बचाना होगा जल।मुख्य अतिथि अमर बहादुर सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि पुरानी पीढ़ी के रास्ते पर चलकर जनपद को पानीदार बनाया जा सकता है।इसके लिए युवाओं के साथ जन-मानस को जागरूक करने की जरूरत है। संवाद गोष्ठी को  चन्द्र प्रकाश पाण्डेय मंजुल,जगदीश प्रसाद मौर्य,अशोक यादव, प्रवीण पाण्डेय, प्रदीप वर्मा पारुल यादव एवं अंशिका मिश्रा ने भी अपने विचार रखे।संवाद गोष्ठी में सैकड़ों छात्र- छात्राएं शामिल रहे। संवाद गोष्ठी का संचालन जगदम्बा तिवारी 'मधुर' ने किया।