
PARDARSHI VIKASH NEWS उद्घाटन सत्र में परियोजना के मुख्य अन्वेषक डॉ. मनोज कुमार सिंह ने जमुनापारी बकरी नस्ल के संरक्षण और संख्या वृद्धि के लिए एक नई सह-परियोजना की घोषणा की। उन्होंने बताया कि इस परियोजना का उद्देश्य चयनित गांवों में वैज्ञानिक प्रबंधन, प्रजनन सुधार और आधुनिक पालन तकनीकों को बढ़ावा देकर बकरी पालकों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है।इस संबंध में बकरी पालकों और पशुपालन विभाग के अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की गई। परियोजना के सह-अन्वेषक और प्रधान वैज्ञानिक डॉ. अनुपम कृष्ण दीक्षित ने पशुपालकों को वैज्ञानिक पद्धतियों के आर्थिक लाभों के बारे में जानकारी दी और आधुनिक विपणन व्यवस्था अपनाने की सलाह दी।वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. योगेश सोनी ने बकरियों में जनन संबंधी समस्याओं के समाधान और बेहतर प्रजनन प्रबंधन पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। वहीं मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी इटावा डॉ. धर्मेंद्र सिंह कुशवाह और औरैया के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. बी.एस. विकल ने वैज्ञानिकों का आभार व्यक्त करते हुए पशुपालकों से आधुनिक तकनीक अपनाने की अपील की।Jamunapari goat नस्ल पर आधारित इस कार्यशाला में वैज्ञानिकों ने बढ़पुरा और चकरनगर विकासखंड के चार गांवों का सर्वेक्षण भी किया। इसके साथ ही बकरी पालक गोष्ठियों का आयोजन कर किसानों की समस्याओं और सुझावों पर चर्चा की गई।इस दो दिवसीय कार्यशाला में इटावा और औरैया जनपदों के 70 से अधिक पशुपालकों ने भाग लिया और वैज्ञानिक तरीकों की जानकारी प्राप्त की, जिससे बकरी पालन को अधिक लाभकारी और आधुनिक बनाने पर जोर दिया गया।