
PARDARSHI VIKASH NEWS अमेठी। नगर पंचायत से सटी हुई ग्राम पंचायत जंगल रामनगर के भुसुपार गांव में पेयजल का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय लापरवाही के कारण गांव में जलापूर्ति ठप है, जिससे उन्हें पीने के पानी के लिए प्रतिदिन लगभग एक किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा है।ग्रामीणों ने बताया कि गांव का भूजल खारा होने के कारण पहले जल निगम द्वारा पेयजल की आपूर्ति की जाती थी। यह आपूर्ति पिछले कुछ समय से बंद है। ग्रामीणों के अनुसार अमेठी-गौरीगंज सड़क के चौड़ीकरण कार्य के दौरान कार्यकारी संस्था ने जल निगम की पाइपलाइन काट दी थी, जिसके कारण गांव में पानी की सप्लाई ठप हो गई।जलापूर्ति बाधित होने से ग्रामीणों को गांव से लगभग एक किलोमीटर दूर स्थित देवीपाटन मंदिर और बारामासी चौराहे से पानी लाना पड़ रहा है। इस समस्या से लोग और पशु दोनों प्रभावित हैं। गांव के सरकारी हैंडपंपों से निकलने वाला पानी भी पीने योग्य नहीं है, जिससे पेट संबंधी बीमारियों की शिकायतें मिल रही हैं।ग्रामीण घनश्याम तिवारी ने बताया कि इस संबंध में विभागीय अधिकारियों, उच्चाधिकारियों और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर कई बार शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, बल्कि फर्जी रिपोर्ट लगाकर उनका निस्तारण दिखाया जा रहा है। तिवारी के अनुसार, अधिकारी उनके फोन भी नहीं उठा रहे हैं।एक बुजुर्ग महिला ने बताया कि उनके 10 सदस्यों के परिवार को रोजाना पानी के लिए एक किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। उन्हें एक बार में केवल एक-दो बाल्टी पानी ही मिल पाता है, जो उनकी दैनिक जरूरतों के लिए अपर्याप्त है।जल निगम के सहायक अभियंता (एई) अंकित गुप्ता ने बताया कि अमेठी- गौरीगंज सड़क चौड़ीकरण कार्य के दौरान पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि मामले को संज्ञान में लिया गया है और संबंधित कार्यदायी संस्था से समन्वय किया जा रहा है। गुप्ता ने आश्वासन दिया कि जल्द ही पाइपलाइन की मरम्मत कराकर जलापूर्ति बहाल की जाएगी, जिससे ग्रामीणों को पेयजल संकट से राहत मिल सके।