
फिर खुली नगर निगम के दावों की पोल
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। शहर में एक बार फिर मानसून ने नगर निगम की तैयारियों की हकीकत उजागर कर दी। मंगलवार देर रात करीब तीन बजे शुरू हुई मूसलाधार बारिश बुधवार सुबह तक जारी रही, जिसके बाद कानपुर के 50 से अधिक इलाकों में जलभराव की गंभीर स्थिति बन गई। सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं, कई घरों और दुकानों में पानी घुस गया तथा वाहन चालकों को रास्ता तलाशने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।हर वर्ष बारिश से पहले नालों की सफाई, जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त करने और जलभराव रोकने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं। लाखों रुपये खर्च होने और कई समीक्षा बैठकों के बावजूद पहली ही तेज बारिश में शहर की व्यवस्था जवाब देती नजर आई। इस बार भी वही हाल देखने को मिला। सर्वोदय नगर, पांडुनगर, काकादेव, कल्याणपुर, रामादेवी, जेके मंदिर मार्ग, ईएसआई अस्पताल, हाथीगांव रेलवे अंडरपास, बिल्हौर, साढ़ थाना परिसर समेत कई क्षेत्रों में जलभराव से लोगों का जनजीवन प्रभावित रहा।सबसे गंभीर घटना काकादेव स्थित पर्वकुंज अपार्टमेंट में सामने आई, जहां लगातार बारिश के कारण बेसमेंट धंस गया। उस समय करीब छह परिवार भवन के अंदर मौजूद थे। अचानक बेसमेंट धंसने से अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाकर बाहर निकले। इससे कुछ दिन पहले ही पास स्थित हार्मनी अपार्टमेंट का बेसमेंट भी धंस चुका था, जिससे निर्माण सुरक्षा और जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।बारिश के कारण कई प्रमुख मार्गों पर लंबा जाम लग गया। हैलट अस्पताल के सामने, वीआईपी रोड, सर्वोदय नगर आरटीओ रोड तथा अन्य सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। स्वरूप नगर में पेड़ गिरने से बिजली का पोल क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि रावतपुर क्षेत्र में डायल-112 की मोटरसाइकिल पर पेड़ गिरने से एक पुलिसकर्मी घायल हो गया। नरवल के हाथीगांव रेलवे अंडरपास में पानी भरने से आवागमन प्रभावित रहा।लगातार बारिश का असर गंगा नदी पर भी दिखाई दिया। पिछले 24 घंटे में गंगा का जलस्तर करीब 29 सेंटीमीटर बढ़ गया। जलस्तर अभी खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन गंगा और पांडु नदी का जलस्तर बढ़ने से शहर के निचले इलाकों से पानी की निकासी प्रभावित हो रही है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है।मौसम विशेषज्ञों के अनुसार वातावरण में नमी और सक्रिय मानसूनी सिस्टम के कारण 7 अगस्त तक कानपुर मंडल में रुक-रुककर बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। ऐसे में यदि जलनिकासी व्यवस्था में शीघ्र सुधार नहीं किया गया तो शहरवासियों को आने वाले दिनों में भी जलभराव और यातायात बाधित होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

बारिश में डूबते कानपुर का मुद्दा विधानसभा पहुंचा
कानपुर में हर बारिश के बाद होने वाले जलभराव का मुद्दा विधानसभा में गूंजा। विधानसभा की कार्यवाही स्थगित होने के दौरान भाजपा विधायक ने नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा को ज्ञापन सौंपकर शहर की जलनिकासी व्यवस्था में व्यापक सुधार और स्थायी ड्रेनेज सिस्टम विकसित कराने की मांग की। विधायक ने कहा कि बारिश होते ही कानपुर के अधिकांश क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन जाती है, जिससे 8 से 10 घंटे तक जनजीवन प्रभावित रहता है। स्कूल जाने वाले बच्चों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई प्रमुख मार्गों पर पानी भरने से यातायात पूरी तरह बाधित हो जाता है।उन्होंने कहा कि जलभराव का सबसे गंभीर असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ता है। एंबुलेंस जाम में फंस जाती हैं, जिससे गंभीर मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में कठिनाई होती है। इसके अलावा दोपहिया वाहन, ई-रिक्शा, ऑटो और अन्य सार्वजनिक परिवहन भी प्रभावित होते हैं, जिससे शहर की रफ्तार थम जाती है।ज्ञापन में शहर के नालों की नियमित और प्रभावी सफाई, सभी जलनिकासी संसाधनों को आपस में जोड़ने, गहरी सीवर लाइन विकसित करने तथा आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम तैयार करने की मांग की गई। विधायक का कहना है कि स्थायी जलनिकासी व्यवस्था से न केवल लोगों को राहत मिलेगी, बल्कि व्यापार, उद्योग और शहर की आर्थिक गतिविधियां भी सुचारु रूप से संचालित हो सकेंगी।नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा ने ज्ञापन प्राप्त कर मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया।

स्वरूप नगर में पेड़ गिरने से जाम, पुलिसकर्मी घायल
स्वरूप नगर में पेड़ गिरने से बिजली का पोल क्षतिग्रस्त हो गया। कोहना थाना क्षेत्र में कंपनी बाग से वीआईपी रोड के बीच पेड़ गिरने से लंबा जाम लग गया। रावतपुर के ब्रह्मदेव चौराहे के पास डायल-112 की मोटरसाइकिल पर पेड़ गिर पड़ा। हादसे में एक पुलिसकर्मी घायल हो गया और बाइक क्षतिग्रस्त हो गई।
सर्वोदय नगर आरटीओ रोड पर सड़क बने तालाब
करीब 7 घंटे की बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में जलभराव हो गया। सर्वोदय नगर आरटीओ रोड पर सड़क तालाब में तब्दील हो गई, जिससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।