
पारदर्शी विकास न्यूज़ सुल्तानपुर। आजाद समाज सेवा समिति ने ग्राम नरायनपुर स्थित भूमि प्रकरण में फर्जी शपथपत्र और भ्रामक जानकारी के आधार पर नक्शा स्वीकृत कराने का आरोप लगाया है। समिति ने प्रेस वार्ता कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि संबंधित गाटा संख्या 368 का नक्शा वर्ष 1992 में पहले ही स्वीकृत हो चुका था, लेकिन इस तथ्य को छिपाकर दोबारा संयुक्त रूप से नक्शा स्वीकृत कराया गया। साथ ही वास्तविक क्रय भूमि से अधिक क्षेत्रफल दर्शाकर अन्य की भूमि पर अतिक्रमण की आशंका भी जताई गई है।समिति ने बताया कि मामले को लेकर न्यायालय में वाद विचाराधीन है। प्रशासन से मांग की गई है कि राजस्व अभिलेखों और संबंधित दस्तावेजों की जांच कर यदि अनियमितता पाई जाए तो स्वीकृति निरस्त कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।