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डेढ़ लाख का कर्ज, फिर भी नहीं बची जान: अस्पताल पर गंभीर लापरवाही के आरोप

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चिंतामणि 
हमीरपुर/मौदहा।
नेशनल हाईवे-34 स्थित सन लाइफ हॉस्पिटल में प्रसूता की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मृतका के परिजनों ने अस्पताल पर गलत ब्लड चढ़ाने, चिकित्सकीय लापरवाही और इलाज संबंधी जानकारी छिपाने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। घटना के बाद अस्पताल का डॉक्टर और अधिकांश स्टाफ मौके से गायब बताए जा रहे हैं, जिससे परिजनों का आक्रोश और बढ़ गया है। महोबा जनपद के खन्ना निवासी 23 वर्षीय संगीता पत्नी कामता प्रसाद को 24 जून को प्रसव पीड़ा होने पर मौदहा स्थित सन लाइफ हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। परिवार में एक ओर नवजात के आगमन की खुशी थी तो दूसरी ओर 25 जून को मृतका की बहन की शादी होनी थी। लेकिन प्रसूता की मौत की खबर ने पूरे परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया।

 

गरीब परिवार पर चढ़ा कर्ज, फिर भी नहीं बच सकी जान
परिजनों के अनुसार मृतका का पति कामता प्रसाद सड़क किनारे ठिलिया लगाकर फल बेचकर परिवार का पालन-पोषण करता है। आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने भर्ती, ऑपरेशन और अन्य मदों के नाम पर लगातार धनराशि जमा कराई, जिसके चलते परिवार करीब डेढ़ से दो लाख रुपये तक के कर्ज में डूब गया। इसके बावजूद प्रसूता की जान नहीं बच सकी। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल के बाहर आधुनिक सुविधाओं और विशेषज्ञ डॉक्टरों के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन अंदर की व्यवस्थाएं इन दावों के विपरीत नजर आती हैं। आरोप है कि अस्पताल में अधिकांश उपचार अप्रशिक्षित स्टाफ द्वारा किया जाता है जबकि डॉक्टर अक्सर अनुपस्थित रहते हैं।

 

ऑपरेशन किसने किया, परिवार को नहीं दी गई जानकारी
मृतका के ससुर रामचंद्र ने बताया कि उन्हें ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर का नाम अंशु मिश्रा बताया गया था, लेकिन वास्तविक रूप से ऑपरेशन किस चिकित्सक ने किया, इसकी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। उनका आरोप है कि इलाज के दौरान किसी डॉक्टर ने परिवार से मुलाकात नहीं की और न ही मरीज की स्थिति के बारे में जानकारी साझा की।परिजनों का कहना है कि दो दिनों में बड़ी रकम जमा कराई गई, लेकिन अधिकांश भुगतान की कोई रसीद नहीं दी गई। साथ ही उन्हें यह भी नहीं बताया गया कि मरीज को कौन-कौन सी दवाएं दी गईं, कौन सा रक्त चढ़ाया गया और उपचार की पूरी प्रक्रिया क्या रही।

 

 

ब्लड चढ़ने के बाद बिगड़ी हालत, गलत रक्त चढ़ाने का आरोप
मृतका की ननद गुड्डू के अनुसार बुधवार सुबह तक संगीता सामान्य थी। उनका आरोप है कि रक्त चढ़ाने के बाद उसने घबराहट, बेचैनी और आंखों के सामने अंधेरा छाने की शिकायत की। इसके कुछ ही समय बाद उसकी हालत तेजी से बिगड़ गई और मौत हो गई।परिजनों का आरोप है कि गलत ब्लड चढ़ाने के कारण यह घटना हुई है। हालांकि अस्पताल प्रबंधन ने नवजात बच्ची के स्वस्थ होने और उसे मशीन में रखने की जानकारी दी है, लेकिन परिवार का कहना है कि उन्हें अभी तक बच्ची को दिखाया नहीं गया।

 

 

पुलिस पहुंची, सीएमओ का इंतजार
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस अस्पताल पहुंची और परिजनों से जानकारी जुटाई। मौदहा कोतवाली प्रभारी ने बताया कि प्राप्त तहरीर एवं जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।समाचार लिखे जाने तक परिजन अस्पताल परिसर में मौजूद रहे और मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) के मौके पर पहुंचने का इंतजार करते रहे। वहीं घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोई अधिकृत बयान सामने नहीं आया हैस्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी है कि अस्पताल में कथित लापरवाही से जुड़े मामले पहले भी सामने आते रहे हैं। हालांकि इन दावों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। अब पूरे मामले में स्वास्थ्य विभाग की जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।