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चलती कार में भ्रूण लिंग जांच और गर्भपात कराने वाला गैंग पकड़ा, 4 गिरफ्तार

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PARDARSHI VIKASH NEWS गाजियाबाद। चलती कार में अवैध रूप से भ्रूण लिंग जांच और गर्भपात कराने वाले गिरोह का पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने भंडाफोड़ किया है। शनिवार देर रात करीब 2 बजे शहर कोतवाली क्षेत्र के नालकुआं रोड से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन, अन्य चिकित्सीय उपकरण और वारदात में इस्तेमाल की जा रही कार बरामद की गई।पुलिस के अनुसार, गिरोह गाजियाबाद, दिल्ली और एनसीआर के विभिन्न इलाकों में घूम-घूमकर कार में ही गर्भस्थ शिशु का लिंग बताता था। इसके लिए 8 से 10 हजार रुपये वसूले जाते थे। यदि कोई महिला गर्भपात कराना चाहती थी तो उसे एक नर्सिंग होम ले जाकर अवैध रूप से गर्भपात भी कराया जाता था।कोतवाली प्रभारी सचिन बालियान ने बताया कि शनिवार रात सीएमओ को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक गिरोह नालकुआं रोड पर एक महिला की भ्रूण लिंग जांच करने वाला है। सूचना के बाद स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर 4FL 9355 नंबर की कार को रोका और तलाशी के दौरान पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन सहित अन्य उपकरण बरामद किए।गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संदीप (35), सलमान (32), शाहिद (29) और तस्लीम (27) के रूप में हुई है। पूछताछ में संदीप ने खुद को गिरोह का मास्टरमाइंड बताया। उसने स्वीकार किया कि वह पहले भी भ्रूण लिंग जांच के मामले में जेल जा चुका है।पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह ग्राहकों से व्हाट्सएप कॉल के जरिए संपर्क करता था। बातचीत पूरी होने के बाद चैट और कॉल रिकॉर्ड तुरंत डिलीट कर दिए जाते थे ताकि पुलिस तक कोई सबूत न पहुंचे। गिरोह आर्थिक स्थिति के अनुसार ग्राहकों से रकम वसूलता था। भ्रूण लिंग जांच के लिए 8 से 10 हजार रुपये और गर्भपात कराने के लिए करीब 20 हजार रुपये लिए जाते थे।आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई से बचने के लिए वे अस्पताल या क्लीनिक की बजाय चलती कार में ही अल्ट्रासाउंड कर भ्रूण का लिंग बताते थे। इसके बाद जरूरत पड़ने पर महिला को अस्थायी नर्सिंग होम ले जाकर अवैध गर्भपात कराया जाता था।पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। बरामद उपकरणों को जब्त कर मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।