
PARDARSHI VIKASH NEWS बिहार के भोजपुर में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी को लेकर विवाद बढ़ गया है। पुलिस के मुताबिक भरत ने पुलिस टीम पर पिस्टल तानी और फायरिंग की थी, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।वहीं, भरत के गांव वालों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि भरत ने हथियार फेंककर सरेंडर कर दिया था, इसके बाद भी पुलिस ने उसे गोली मारी। विरोध में गुरुवार को लोगों ने शव रखकर आरा-बक्सर फोरलेन जाम कर दिया। करीब छह घंटे तक प्रदर्शन चला, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर जाम खुलवाया।पुलिस के अनुसार, घटना से पहले भरत ने सोशल मीडिया पर पुलिस और प्रशासन के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट किए थे। मंगलवार को पुलिस जब उसे समझाने पहुंची तो उसने पिस्टल तान दी थी। बुधवार को उसने छत से पुलिस पर फायरिंग की और बाद में बाढ़ प्रभावित इलाके में भी गोली चलाने की कोशिश की। पुलिस का दावा है कि जवाबी कार्रवाई के दौरान उसे गोली लगी।मामले को लेकर ग्रामीण निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।