
PARDARSHI VIKASH NEWS अयोध्या के अमानीगंज विकासखंड स्थित महुआ पूरे भक्तिन गांव में चौरासी कोसी परिक्रमा पथ के विस्तार के कारण एक दो मंजिला भवन को आधुनिक तकनीक की मदद से सुरक्षित तरीके से सड़क से 48 फीट पीछे खिसका दिया गया। करीब चार हजार वर्ग फीट क्षेत्रफल में बने इस भवन के मालिक डॉ. अली हसन ने इमारत को बचाने के लिए हरियाणा की एक विशेषज्ञ कंपनी को जिम्मेदारी सौंपी थी। अप्रैल में शुरू हुआ यह कार्य तीन महीने में 48 फीट तक पूरा हो चुका है, जबकि भवन को अभी लगभग 30 फीट और पीछे ले जाना बाकी है। इंजीनियरों के अनुसार विशेष हाइड्रोलिक जैक और पहियों की सहायता से पूरी इमारत को धीरे-धीरे स्थानांतरित किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में पहले बीम के नीचे कटिंग कर भवन को उठाया जाता है, फिर नियंत्रित तरीके से उसे आगे बढ़ाया जाता है। करीब 20 मजदूर और तकनीकी विशेषज्ञ इस कार्य में लगे हैं। भवन को कुल 80 फीट पीछे शिफ्ट करने का खर्च लगभग 16 लाख रुपये आ रहा है। स्थानीय स्तर पर यह तकनीक आधारित भवन शिफ्टिंग का अनूठा उदाहरण माना जा रहा है, जिसने बिना तोड़फोड़ के पूरी इमारत को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का रास्ता दिखाया है।