
आरक्षण खत्म करने की कोशिश करने वाली पार्टी खुद खत्म हो जाएगी: प्रदीप आंबेडकर

पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। पारदर्शी चर्चा कार्यक्रम के तहत आजाद समाज पार्टी के जिला प्रवक्ता प्रदीप अंबेडकर ने बहुजन, दलित और पिछड़े समाज से जुड़े मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि समाज के लोगों के चेहरे पर जो चमक दिखाई देती है, उसमें आरक्षण की बड़ी भूमिका है। उन्होंने UGC सहित आरक्षण से जुड़े मुद्दों पर कहा कि इसका विरोध करने वाले लोग अन्याय के खिलाफ नहीं, बल्कि आरक्षण पाने वाले वर्गों के अधिकारों के विरोध में खड़े हैं।प्रदीप अंबेडकर ने दिल्ली के महावीर विश्वविद्यालय का उदाहरण देते हुए दावा किया कि वर्ष 2011 में जाति के आधार पर 100 से अधिक बहुजन छात्रों को फेल कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि जब EWS आरक्षण लागू किया गया, तब SC-ST समाज की ओर से इसका विरोध नहीं किया गया। उनका कहना था कि आरक्षण सामाजिक न्याय और समान अवसर से जुड़ा विषय है।उन्होंने दावा किया कि देश में आरक्षण पाने वाले वर्गों की आबादी करीब 85 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि जो भी राजनीतिक दल आरक्षण के मुद्दे को छेड़ेगा या इसे खत्म करने की बात करेगा, उसका राजनीतिक अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। आरक्षण का विरोध करने वालों के खिलाफ आंदोलन की बात करते हुए उन्होंने कहा कि आरक्षण को बचाने के लिए उनका संगठन हर स्तर तक संघर्ष करेगा।भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए प्रदीप अंबेडकर ने कहा कि मंदिर-मस्जिद और हिंदू-मुस्लिम जैसे मुद्दे अब पुराने हो चुके हैं और अब आरक्षण के मुद्दे को सामने लाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि आरक्षण को खत्म करना संभव नहीं है और इसके लिए उनका संगठन मजबूती से आवाज उठाता रहेगा।कानपुर की सड़कों की स्थिति को लेकर भी उन्होंने सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि शहर की कई सड़कें बारिश के बाद नदियों जैसी दिखाई दे रही हैं। कानून-व्यवस्था पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने पिछली और मौजूदा सरकार की तुलना की। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार में सत्ता से जुड़े लोगों को सुरक्षा मिलने के कारण अन्य लोगों के लिए अलग परिस्थितियां पैदा होती हैं। प्रदीप अंबेडकर ने कहा कि आरक्षण के अधिकारों की रक्षा के लिए उनका संघर्ष लगातार जारी रहेगा।