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यूपी में नेताओं का अलग-अलग अंदाज

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पारदर्शी विकास न्यूज़ लखनऊ। उत्तर प्रदेश में ऊर्जा बचत और ईंधन संरक्षण की मुहिम के बीच जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के अलग-अलग अंदाज सामने आ रहे हैं। कहीं विधायक ऑटो और ट्रैक्टर काफिले में नजर आए, तो कहीं अफसर ई-रिक्शा और पैदल ऑफिस पहुंचे। वहीं कुछ मामलों में वीडियो शूट और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।Shalabh Mani Tripathi ने बिना हेलमेट बुलेट बाइक चलाई और खुद ही अपना चालान कटवाया, जो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया। वहीं Ravi Kishan ने साइकिल चलाकर “नो व्हीकल डे” के दौरान ईंधन बचत का संदेश दिया। बुलंदशहर में भाजपा विधायक सीपी सिंह और देवेंद्र सिंह लोधी विधानसभा के बाहर ऑटो में सफर करते दिखे, हालांकि इस दौरान वीडियो शूट फॉर्च्यूनर कार से करवाए जाने को लेकर सवाल उठे। दूसरी ओर मेरठ में भाजपा नेता और जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव चौधरी ट्रैक्टरों के काफिले के साथ नजर आए। आजमगढ़ के डीएम सुबह ई-रिक्शा से ऑफिस पहुंचे, जहां उनके गनर की मौजूदगी भी चर्चा में रही। वहीं Bhoola Singh ने इलेक्ट्रिक कार अपनाकर संदेश दिया कि पर्यावरण और ईंधन बचत दोनों जरूरी हैं। इसके अलावा बांदा-चित्रकूट के पूर्व सांसद आरके सिंह पटेल ई-रिक्शा से कलेक्ट्रेट पहुंचे और इसे प्रतीकात्मक कदम बताया। एटा में विधायक संजीव दिवाकर ई-रिक्शा से कार्यक्रमों में शामिल हुए, जबकि पालिका अध्यक्ष गौरी देवी वर्मा बाइक से दफ्तर पहुंचीं। सरकारी स्तर पर भी ईंधन बचत को लेकर कदम उठाए गए हैं। प्रशासन की ओर से काफिले में कटौती और पब्लिक ट्रांसपोर्ट के इस्तेमाल को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है। हालांकि इन सभी घटनाओं के बीच सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या यह वास्तविक बदलाव है या सिर्फ दिखावे का हिस्सा—इस पर चर्चा लगातार जारी है।