
पारदर्शी विकाश न्यूज़ लखनऊ। योगी सरकार में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद मंत्रियों के प्रभारी जिलों में बड़ा फेरबदल किया गया है। इस बदलाव के तहत कई वरिष्ठ मंत्रियों को नए जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि कुछ जिलों के प्रभारी भी बदल दिए गए हैं। सरकार की नई सूची के अनुसार विभिन्न कैबिनेट और राज्य मंत्रियों को अलग-अलग जिलों का प्रभार दिया गया है, जिससे प्रशासनिक समन्वय और विकास कार्यों की निगरानी को और प्रभावी बनाने की कोशिश की गई है।नई व्यवस्था में भूपेंद्र चौधरी को कासगंज और आगरा, लक्ष्मीनारायण चौधरी को अलीगढ़ और फिरोजाबाद, सूर्य प्रताप शाही को बस्ती, मनोज पांडे को सीतापुर, कैलाश राजपूत को एटा और कृष्णा पासवान को कौशांबी का प्रभारी मंत्री बनाया गया है। वहीं वाल्मीकि समाज से आने वाले सुरेंद्र दिलेर को बुलंदशहर की जिम्मेदारी दी गई है। कई अन्य मंत्रियों के प्रभार वाले जिलों में भी फेरबदल किया गया है, जिससे राजनीतिक और सामाजिक समीकरणों को साधने की कोशिश साफ नजर आती है।सूची में कई पुराने प्रभार भी बरकरार रखे गए हैं, जबकि कुछ मंत्रियों को अतिरिक्त जिलों का दायित्व भी दिया गया है। सरकार का मानना है कि इससे योजनाओं की निगरानी मजबूत होगी और विकास कार्यों में तेजी आएगी। वहीं राजनीतिक जानकार इसे आगामी चुनावों की रणनीति और जातीय संतुलन साधने की कवायद के रूप में देख रहे हैं।