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वधी भाषा साहित्य अकादमी की स्थापना की मांग

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पारदर्शी विकास न्यूज़ अमेठी। अवधी साहित्य संस्थान के स्थापना दिवस समारोह में अवधी भाषा के विकास और संरक्षण को लेकर अवधी भाषा साहित्य अकादमी की स्थापना की मांग उठी। राजस्थान से आए हेमराज मीणा ने कहा कि हिंदी की जनपदीय बोलियों के संरक्षण और साहित्यिक विकास के लिए गंभीरता से कार्य किए जाने की जरूरत है। उन्होंने अवधी समेत ब्रज, भोजपुरी और राजस्थानी जैसी बोलियों के व्याकरण एवं साहित्य पर नए शोध की आवश्यकता बताई।तमिलनाडु से आए मद्रास यूनिवर्सिटी के पूर्व प्रोफेसर गोविंद राजन ने अवधी में भाषण देकर लोगों को भाषा को मजबूत और समृद्ध बनाने का संदेश दिया। वक्ताओं ने अवधी को सरकारी मान्यता देने, स्कूल-कॉलेज के पाठ्यक्रम में शामिल करने, पुस्तकों और पत्रिकाओं के प्रकाशन, रेडियो-टीवी कार्यक्रम बढ़ाने तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रचार-प्रसार पर जोर दिया। साथ ही विश्वविद्यालयों में शोध, छात्रवृत्ति, कवि सम्मेलन, लोक कला महोत्सव और युवा प्रतियोगिताओं के आयोजन की जरूरत बताई गई। पुराने अवधी ग्रंथों को डिजिटल रूप में संरक्षित करने और फिल्मों-वेब सीरीज में अवधी के प्राकृतिक प्रयोग को बढ़ावा देने की भी मांग उठी।