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विधानसभा सचिवालय के प्रमुख सचिव की नियुक्ति पर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

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पारदर्शी विकाश न्यूज़ लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने विधानसभा सचिवालय के प्रमुख सचिव प्रदीप कुमार दुबे की नियुक्ति और उनके पद पर बने रहने की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर राज्य सरकार, विधानसभा सचिवालय और विधानसभा अध्यक्ष से जवाब तलब किया है। न्यायालय ने सभी पक्षों को प्रति शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश देते हुए मामले की अगली सुनवाई 6 जुलाई निर्धारित की है।यह आदेश न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान और न्यायमूर्ति डी.सी. सामंत की खंडपीठ ने करमेश प्रताप सिंह द्वारा दाखिल अधिकार पृच्छा (क्वो वारंटो) याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। सुनवाई के दौरान विधानसभा सचिवालय और विधानसभा अध्यक्ष की ओर से प्रस्तुत पक्ष में कहा गया कि याचिका सुनवाई योग्य नहीं है और संबंधित पद को लोक पद की श्रेणी में नहीं माना जा सकता। साथ ही जवाब दाखिल करने के लिए समय भी मांगा गया।याची की ओर से अधिवक्ता रीना एन. सिंह ने अदालत को बताया कि मामले की शीघ्र सुनवाई आवश्यक है, क्योंकि प्रदीप कुमार दुबे कथित रूप से बिना वैध अधिकार के प्रमुख सचिव पद पर बने हुए हैं और उससे संबंधित शक्तियों का प्रयोग कर रहे हैं।याचिका में आरोप लगाया गया है कि प्रदीप कुमार दुबे की नियुक्ति वर्ष 2009 में निर्धारित सेवा नियमों की अनदेखी कर की गई थी। साथ ही यह भी दावा किया गया है कि 68 वर्ष से अधिक आयु होने के बावजूद वे अभी तक प्रमुख सचिव के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनके पद पर बने रहने का कोई वैध आधार नहीं है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने प्रतिवादियों को अगली सुनवाई तक अपना पक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।