
PARDARSHI VIKASH NEWS वृंदावन के रामताल रोड स्थित गणेश सिटी सोसायटी के श्रीराधा नील माधव जू मंदिर में पुरुषोत्तम मास के अवसर पर चल रहे सप्तदिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ महोत्सव के छठे दिन श्रद्धालुओं को दिव्य प्रसंगों का रसास्वादन कराया गया।कथा व्यास आचार्य पद्म लोचन गोस्वामी महाराज ने महारास लीला, मथुरा गमन, कंस वध और भगवान श्रीकृष्ण-रुक्मणि विवाह की कथाओं का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि शरद पूर्णिमा की रात्रि में यमुना तट पर हुई महारास लीला अत्यंत दिव्य और रसमयी थी, जिसमें ब्रज की गोपिकाएं पूर्व जन्म के तपस्वी ऋषि-मुनियों का स्वरूप थीं, जिन्होंने श्रीकृष्ण को पाने के लिए कठोर तप किया था।उन्होंने यह भी बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने महारास के माध्यम से भक्तों की अभिलाषा पूर्ण करने और कामदेव के अभिमान का नाश करने के लिए अनेक रूपों में बांसुरी वादन किया, जिससे सम्पूर्ण ब्रजमंडल भक्तिरस में डूब गया। इस अवसर पर रुक्मणि विवाह की आकर्षक झांकी भी प्रस्तुत की गई, जिसमें भक्तों ने भजन-कीर्तन और नृत्य के माध्यम से उत्सव का आनंद लिया।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में यजमान और श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिससे पूरा वातावरण भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो गया।