
पारदर्शी विकास न्यूज़ लखनऊ। विश्वविद्यालय प्रशासन ने अनुशासनहीनता के आरोपों में बीए-एलएलबी सेकेंड ईयर के छात्र सत्यम यादव को निष्कासित कर दिया है। आदेश के अनुसार छात्र को विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध किसी भी कॉलेज में भविष्य में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।प्रशासन का कहना है कि डीन स्टूडेंट वेलफेयर और प्रॉक्टोरियल बोर्ड की जांच में छात्र पर लगाए गए आरोप सही पाए गए हैं। इनमें अनधिकृत रूप से परिसर और छात्रावास में प्रवेश, प्रशासनिक कार्यों में बाधा डालना, निरीक्षण के दौरान व्यवधान उत्पन्न करना और सोशल मीडिया के जरिए विश्वविद्यालय की छवि खराब करने जैसे मामले शामिल हैं।दूसरी ओर, इस कार्रवाई के विरोध में छात्रों का प्रदर्शन सरस्वती प्रतिमा के पास लगातार दसवें दिन भी जारी है। धरने को पूर्व छात्रसंघ पदाधिकारियों के साथ-साथ विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों का समर्थन भी मिल रहा है। इस बीच छात्रों ने फीस वृद्धि और निष्कासन को वापस लेने की मांग उठाई है।कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने भी विश्वविद्यालय प्रशासन से मुलाकात कर मामले में हस्तक्षेप की मांग की और छात्रों के साथ संवाद के जरिए समाधान निकालने की अपील की। हालांकि, प्रशासन अपने निर्णय को जांच रिपोर्ट पर आधारित बताते हुए फिलहाल कार्रवाई को उचित ठहरा रहा है।