
PARDARSHI VIKASH NEWS देशभर में दवाओं की अवैध ऑनलाइन बिक्री और बड़ी ई-फार्मा कंपनियों के बढ़ते प्रभाव के विरोध में बुधवार को 15 लाख से अधिक मेडिकल स्टोर बंद रहे। All India Organisation of Chemists and Druggists (AIOCD) के आह्वान पर यह राष्ट्रव्यापी बंद आयोजित किया गया। हड़ताल के कारण कई राज्यों में मरीजों और उनके परिजनों को दवाइयां लेने में परेशानी का सामना करना पड़ा।पटना के IGIMS अस्पताल के बाहर दवा दुकानें बंद रहीं, जिससे मरीजों के अटेंडेंट परेशान दिखाई दिए। वहीं चंडीगढ़ के PGI में इलाज कराने आए कश्मीर के एक परिवार को भी समय पर दवा नहीं मिल सकी। दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में मेडिकल मार्केट पूरी तरह बंद रहे।हालांकि AIOCD ने स्पष्ट किया कि अस्पतालों के अंदर संचालित मेडिकल स्टोर खुले रहेंगे और इमरजेंसी दवाओं की सप्लाई बाधित नहीं होने दी जाएगी।दवा कारोबारियों की मुख्य मांग ऑनलाइन दवाओं की अनियमित बिक्री पर रोक लगाने की है। संगठन का कहना है कि बिना सख्त नियमों के ई-फार्मेसी कंपनियां गलत या नकली प्रिसक्रिप्शन के जरिए दवाइयां बेच रही हैं, जिससे मरीजों की सेहत को खतरा पैदा हो सकता है। इसके अलावा छोटे मेडिकल स्टोर ऑनलाइन कंपनियों द्वारा दिए जा रहे भारी डिस्काउंट का मुकाबला नहीं कर पा रहे हैं।कोविड-19 महामारी के दौरान सरकार ने ई-फार्मा कंपनियों को राहत देते हुए डिजिटल प्रिसक्रिप्शन के आधार पर दवा बिक्री और होम डिलीवरी की अनुमति दी थी। अब केमिस्ट संगठन इन नियमों की समीक्षा और नए सख्त कानून बनाने की मांग कर रहे हैं।