
Pardarshi Vikas News Mahoba
शेखू नगर मोहल्ले से इंसानियत और भाईचारे की मिसाल सामने आई है, जहां मुस्लिम बुजुर्ग इशहाक खान ने अपने हिंदू मित्र मुरलीधर तिवारी की जान बचाकर सच्ची दोस्ती का परिचय दिया। दोनों की 10 साल पुरानी दोस्ती आज पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।
जानकारी के अनुसार 86 वर्षीय मुरलीधर तिवारी किसी काम से घर से बाहर निकले थे। रास्ते में उनके पैर में कांच के टुकड़े चुभ गए, जिससे काफी खून बहने लगा। अधिक रक्तस्राव होने के कारण वह सड़क पर ही अचेत होकर गिर पड़े। मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई, लेकिन कोई मदद के लिए आगे नहीं आया।
इसी बीच घटना की सूचना मिलते ही इशहाक खान तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने बिना समय गंवाए अपने घायल मित्र को गोद में उठाया और एक युवक की मदद से बाइक पर बैठाकर जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड पहुंचाया। वहां उन्होंने तीमारदार की तरह हर जिम्मेदारी निभाई। इलाज के दौरान खुद मौजूद रहकर डॉक्टरों से बात की और अपने हाथों से मित्र के पैर की पट्टी बंधवाई।
इशहाक खान ने बताया कि मुरलीधर तिवारी उनके लिए सिर्फ दोस्त नहीं, बल्कि बड़े भाई समान हैं। उन्होंने कहा कि ईद हो या दिवाली, दोनों परिवार हर खुशी साथ मनाते हैं। धर्म कभी भी उनकी दोस्ती के बीच नहीं आया।
होश में आने के बाद मुरलीधर तिवारी ने नम आंखों से इशहाक खान का आभार जताया। इस घटना ने समाज को संदेश दिया है कि सच्चे रिश्ते मजहब से नहीं, इंसानियत से बनते हैं। महोबा के इन दोनों बुजुर्गों की दोस्ती ने सामाजिक सौहार्द की नई मिसाल पेश की है।