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TET अनिवार्यता के विरोध में बाइक रैली, मशाल जुलूस

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चिलचिलाती धूप में सड़कों पर उतरे शिक्षक, 3 मई को विधानसभा घेराव की चेतावनी

Pardarshi Vikas News Amethi

 टी ई टी की अनिवार्यता के विरोध में संयुक्त संघर्ष संचालन समिति के बैनर तले शिक्षकों ने सोमवार को बाइक रैली और मशाल जुलूस निकाला।बाईक रैली बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से शुरू हुई और जिलाधिकारी कार्यालय पर मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन देने के साथ समाप्त हुई। अठारह सूत्रीय ज्ञापन में पुरानी पेंशन को बहाल करने की प्रमुख मांग भी शामिल है। बाइक रैली, ज्ञापन कार्यक्रम और मशाल जुलूस का नेतृत्व संयुक्त संघर्ष संचालन समिति के संयोजक अब्दुल रशीद, अध्यक्ष महेन्द्र प्रताप मिश्र, मंत्री रमेश प्रजापति, कोषाध्यक्ष संजय कनौजिया, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष धीरेन्द्र प्रताप सिंह, उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष जयराम कनौजिया संजीव भारती, महामंत्री रमाकांत मौर्य,अटेवा के जिला अध्यक्ष मंजीत यादव और एस सी/एस टी टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष पवन कुमार गौतम ने किया। टी ई टी की अनिवार्यता वापस लो--, पुरानी पेंशन बहाल‌ करो-,हमें नई तुम्हें पुरानी, नहीं चलेगी यह मनमानी , अभी तो ये अंगड़ाई है, आगे और लड़ाई है -हर जोर जुल्म की टक्कर में संघर्ष हमारा नारा है --आदि नारे लगाते हुए शिक्षकों ने बेसिक शिक्षा अधिकारी आफिस से डी एम आफिस तक बाईक रैली निकाली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सम्बोधित ज्ञापन देने के बाद सभी शिक्षक वापस लेखाधिकारी कार्यालय आए और यहां से विकास खंड परिसर में स्थित शहीद स्मारक स्थल तक मशाल जुलूस निकाला। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष धीरेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि यदि सरकार ने हमारी मांगों पर विचार न किया तो तीन मई को विधानसभा का घेराव करेंगे। रमाकांत मौर्य ने कहा कि टी ई टी की अनिवार्यता शिक्षकों के सम्मान के खिलाफ है, सरकार जब तक अध्यादेश लाकर इसे वापस नहीं लेती संयुक्त शिक्षक संघर्ष समिति का आंदोलन जारी रहेगा। उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजीव भारती ने कहा कि बेसिक शिक्षा का अब तक का यह इतिहास रहा है, शिक्षकों ने अपने पावनों एवं अन्य सभी समस्याओं के हल के लिए सारी लड़ाईयां संघर्ष के बल पर जीती हैं।यह लड़ाई भी जीतेंगे।अटेवा के जिला अध्यक्ष मंजीत यादव ने कहा कि निजीकरण की पैरोकार सरकार तानाशाही पर उतारू है, यदि सरकार ने शिक्षकों की मांगों पर विचार न किया तो 2027के चुनाव में प्रदेश के शिक्षक सरकार के खिलाफ घंटी बजायेंगे। संघर्ष का सफर चाहे जितना लम्बा हो , पुरानी पेंशन वापस लेकर ही दम लेंगे। एस सी/एस टी टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन के मंडल अध्यक्ष दयाशंकर ने सरकार की गलत नीतियों के विरुद्ध एकजुट संघर्ष को मजबूती से आगे बढ़ाने की अपील की। एस -4के अध्यक्ष महेन्द्र प्रताप मिश्र ने मुख्यमंत्री से 18सूत्रीय मांग पत्र पर गंभीरता पूर्वक विचार करने  का अनुरोध किया और कहा कि सरकार ने यदि टालमटोल किया तो हम विधानसभा और संसद का घेराव करने में पीछे नहीं रहेंगे।बाइक रैली, ज्ञापन और मशाल जुलूस में बड़ी संख्या में शामिल शिक्षकों का उत्साह और जोश चिलचिलाती धूप और गर्मी पर भारी दिखा।बड़ी संख्या में महिलाएं भी आंदोलन में शामिल हुईं

उपस्थित प्रमुख शिक्षक -एक नजर 
राजकिशोर सिंह, सीनियर बेसिक शिक्षक संघ ,श्री राम सोनी, संजय कनौजिया जयराम कनौजिया, संजीव भारती,देवी शरण कनौजिया,वसीम अहमद,   देवांशु सिंह, यदुनाथ यादव,अनुपम सिंह,असगर अली, फूलचंद बौद्ध, श्याम लाल, रामहर्ष, रविशंकर श्रीवास्तव, आदित्य शुक्ल, त्रिवेणी यादव,मो तहसीन, अवधेश प्रताप सिंह, हरिभान सिंह, दिलीप कुमार उपाध्याय, हरिकेश यादव, दिलीप कुमार वर्मा, असगर अली, सुरेन्द्र कुमार अम्बेडकर,ओम प्रकाश सिंह, गुरुचरण गौतम,पव‌न कुमार वर्मा, राम जश मौर्य,राना बेगम , मनोरमा गुप्ता, सीमा यादव।

ज्ञापन में शामिल प्रमुख मांगे -एक नजर 

  • ओपीएस एवं समाप्त किए गए सभी भत्तों को बहाल किया जाय
  • -टी ई टी की अनिवार्यता को वापस लेने के लिए सरकार जरूरी अध्यादेश लाए।
  • -राज्य में निजीकरण, संविदा और आउट सोर्सिंग प्रथा को समाप्त किया जाए 
  • -कोविड काल में रोके गए डी ए का भुगतान किया जाय।
  • -माध्यमिक शिक्षकों की भांति बेसिक शिक्षकों को भी शत प्रतिशत प्रोन्नति वेतनमान का लाभ दिया जाय और सेवाकाल में तीन प्रोन्नतियां प्रदान की जांय

 कोट
शिक्षकों के ऊपर प्रयोग दर प्रयोग करने और भर्तियां और नियुक्तियां न करने के पीछे सरकार की गहरी साज़िश है।टी ई टी की अनिवार्यता नियम विरुद्ध है, सरकार को इसे वापस लेना होगा,यह शिक्षकों के सम्मान के खिलाफ है। पुरानी पेंशन की लड़ाई अटेवा के नेतृत्व में ही जीती जाएगी।सभी शिक्षक बच्चों के प्रति अपनी जिम्मेदारी का ईमानदारी पूर्वक निर्वहन करते हुए अभिभावकों का विश्वास जीतें, सरकार विभाग को समाप्त करना चाहती है, हमें इसे बचाना होगा।
अब्दुल रसीद ,प्रांतीय मंत्री  जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ, अमेठी