
पारदर्शी विकास ब्यूरो कुशीनगर, तमकुहीराज। सरकारी संदर्भों और न्यायालय से संबंधित मामलों में लापरवाही बरतने वाले चार राजस्व निरीक्षकों पर तमकुहीराज तहसील प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। तहसीलदार महेश कुमार ने उत्तर प्रदेश शासन, राजस्व परिषद, मंडलायुक्त कार्यालय, जनता से प्राप्त संदर्भों तथा माननीय उच्च न्यायालय में लंबित रिट याचिकाओं में समय पर आख्या एवं स्पष्टीकरण उपलब्ध न कराए जाने को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों का वेतन अग्रिम आदेश तक बाधित कर दिया है।जारी आदेश के अनुसार राजस्व निरीक्षक उपेंद्र प्रसाद, हरेंद्र प्रसाद, अयोध्या प्रसाद तथा प्रभारी राजस्व निरीक्षक वेद प्रकाश उपाध्याय के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है। तहसीलदार ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि संबंधित अधिकारियों को कई बार आवश्यक आख्या और स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन बार-बार चेतावनी के बावजूद उन्होंने समयसीमा का पालन नहीं किया।अधिकारियों की इस लापरवाही के कारण शासन स्तर के संदर्भों और न्यायालयीन मामलों के निस्तारण में बाधा उत्पन्न हुई, जिससे प्रशासनिक कार्य प्रभावित हुए। इसे सरकारी दायित्वों के निर्वहन में गंभीर उदासीनता मानते हुए कठोर कदम उठाया गया है।तहसीलदार महेश कुमार की इस कार्रवाई के बाद तहसील एवं राजस्व विभाग के कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति है। प्रशासनिक हलकों में इसे जवाबदेही तय करने और कार्य संस्कृति में अनुशासन स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इस कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी भी सरकारी एवं न्यायालयीन मामलों के समयबद्ध निस्तारण को लेकर अधिक सतर्क रहेंगे।