
PARDARSHI VIKASH NEWS अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया कि अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में ईरान का पूरा शीर्ष नेतृत्व एक जगह मौजूद था और अमेरिका चाहे तो एक ही हमले में सभी को निशाना बना सकता था। एक इंटरव्यू में ट्रम्प ने कहा कि उन्होंने ऐसा नहीं किया, क्योंकि फिर बातचीत के लिए कोई नहीं बचता। उन्होंने अंतिम संस्कार में रो रहे लोगों पर भी तंज कसते हुए कहा कि उनके आंसू भी नकली हो सकते हैं। ट्रम्प के इस बयान पर ईरान ने कड़ा जवाब दिया। आर्मेनिया स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया पर लिखा कि लोगों को मारा जा सकता है, लेकिन विचारों को नहीं। दूतावास ने ट्रम्प पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके पास न सभ्यता है, न इतिहास और न सम्मान। इस बीच तेहरान के इमाम खुमैनी ग्रैंड मोसल्ला में खामेनेई के अंतिम दर्शन के लिए तीसरे दिन भी लाखों लोगों की भीड़ उमड़ी। समारोह में 'डेथ टू अमेरिका' और 'डेथ टू इजराइल' के नारे लगाए गए। अंतिम संस्कार में 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधिमंडल शामिल हुए और पूरे शहर में अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की गई। साथ ही अमेरिका-ईरान के बीच चल रही अप्रत्यक्ष वार्ता फिलहाल रोक दी गई है।