
PARDARSHI VIKASH NEWS ताजमहल की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए गुरुवार को परिसर में व्यापक मॉक ड्रिल कराई गई। थाना ताज सुरक्षा पुलिस की निगरानी में हुई इस ड्रिल में पुलिस, सीआईएसएफ, फायर सर्विस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने हिस्सा लिया। इसका उद्देश्य आग लगने, संदिग्ध घुसपैठ और आपात स्थिति में सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता और रिस्पॉन्स सिस्टम की जांच करना था।ड्रिल के दौरान सबसे पहले फायर सुरक्षा अभ्यास किया गया। भीषण गर्मी को देखते हुए आग लगने की काल्पनिक स्थिति बनाई गई। होटल अमर विलास के सामने स्थित भूमिगत फायर पंप रूम की जांच के बाद ताजमहल के ईस्ट गेट पर आग लगने का अभ्यास कराया गया। सूचना मिलते ही पुलिस, फायर सर्विस और सुरक्षा टीमें मौके पर पहुंचीं और जल बिंदुओं से पाइप जोड़कर आग बुझाने का अभ्यास किया गया।मॉक ड्रिल के दौरान एक तकनीकी खामी भी सामने आई। भूमिगत फायर पंप रूम आवश्यक प्रेशर नहीं बना सका। अधिकारियों ने इसे गंभीर मानते हुए संबंधित विभाग को सुधार के निर्देश देने की बात कही।इसके बाद एंटी-इन्ट्रूजन ड्रिल कराई गई, जिसमें दो संदिग्धों के ईस्ट गेट से घुसने की काल्पनिक सूचना पर सीआईएसएफ और ताज सुरक्षा पुलिस की क्यूआरटी टीम ने तत्काल कार्रवाई की। संदिग्धों को घेरने, पकड़ने और पूरे क्षेत्र की सुरक्षा जांच का अभ्यास किया गया।तीसरी ड्रिल में ईस्ट गेट की बुकिंग विंडो पर आग लगने की सूचना देकर पुलिस और फायर सर्विस के रिस्पॉन्स टाइम को परखा गया। अधिकारियों ने बताया कि ताजमहल जैसे संवेदनशील और विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए समय-समय पर इस तरह के अभ्यास किए जाते रहेंगे।