
जगनायक प्रधान
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। शहर में मानसून दस्तक देने वाला है, लेकिन कानपुर की सड़कों, नालियों और सीवर व्यवस्था की हालत आज भी चिंता का विषय बनी हुई है। शहर का शायद ही कोई ऐसा इलाका हो जहां लोग टूटी सड़कों, जलभराव, गंदगी और अव्यवस्थित यातायात की समस्या से परेशान न हों। मोहल्लों में नियमित सफाई न होने से कूड़े के ढेर लगे रहते हैं, नालियां चोक हैं और बड़े नाले गाद से पटे पड़े हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि लगातार हो रही समीक्षा बैठकों और विकास के दावों के बावजूद जमीनी हालात आखिर क्यों नहीं बदल रहे?इन्हीं सवालों के बीच शुक्रवार को नवीन सभागार में उत्तर प्रदेश सरकार के प्रभारी मंत्री योगेंद्र उपाध्याय की अध्यक्षता में कानपुर नगर के विकास कार्यों एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में शहर के विभिन्न विकास कार्यों, जनहित के मुद्दों और कानून व्यवस्था की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई।कानपुर के नागरिक लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं की समस्याओं से जूझ रहे हैं। शहर की अधिकांश सड़कें गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं। कई इलाकों में सीवर लाइनें ओवरफ्लो हो रही हैं और नालियों की सफाई समय पर न होने से गंदा पानी सड़कों पर बहता रहता है। बारिश के दौरान हालात और खराब हो जाते हैं। किदवई नगर, गोविंद नगर, बर्रा, नौबस्ता, कल्याणपुर, पनकी, श्याम नगर समेत कई क्षेत्रों में हर वर्ष जलभराव की समस्या सामने आती है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित होता है।शहर की प्रमुख नदियों और नालों की सफाई को लेकर भी लगातार सवाल उठते रहे हैं। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद कई नाले आज भी पूरी तरह साफ नहीं हो सके हैं। नतीजा यह है कि थोड़ी सी बारिश में ही सड़कें तालाब का रूप ले लेती हैं। ट्रैफिक जाम, धूल, गंदगी और अव्यवस्थित शहरी व्यवस्था लोगों की परेशानी बढ़ा रही है।बैठक में प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों से विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी ली और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंचना चाहिए और कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।बैठक में भाजपा जिलाध्यक्ष शिवराम सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित, सांसद रमेश अवस्थी, विधायक सुरेंद्र मैथानी, नीलिमा कटियार, एमएलसी अरुण पाठक, रघुनंदन भदौरिया, जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह, नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय समेत प्रशासनिक और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।हालांकि शहर की जनता अब केवल समीक्षा बैठकों, प्रस्तुतियों और दावों से आगे बढ़कर जमीन पर परिणाम देखना चाहती है। लोगों का कहना है कि यदि विकास कार्यों की नियमित समीक्षा हो रही है तो उसका असर शहर की सड़कों, सफाई व्यवस्था, जल निकासी और यातायात व्यवस्था में भी दिखाई देना चाहिए। कानपुर को अब योजनाओं की नहीं, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन और ठोस बदलाव की जरूरत है।

"कानपुर प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक और आर्थिक शहरों में से एक है। शहर के विकास कार्यों की लगातार समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सड़क, जल निकासी, सफाई और जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों में तेजी लाई जाए। जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।"-प्रभारी मंत्री योगेंद्र उपाध्याय

"कानपुर के समग्र विकास के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार लगातार कार्य कर रही है। शहर में आधारभूत ढांचे को मजबूत बनाने, यातायात व्यवस्था सुधारने और नागरिक सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप विकास कार्यों को गति देने के लिए सभी विभागों के साथ समन्वय बनाकर काम किया जा रहा है।"-सांसद रमेश अवस्थी
