
पारदर्शी विकास न्यूज़ लखनऊ। सोमवार को 69000 शिक्षक भर्ती से जुड़े अभ्यर्थियों ने शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी मंत्री आवास से करीब 100 मीटर पहले इकट्ठा हुए और सड़क पर लेटकर तथा रेंगते हुए आवास तक पहुंचे। अभ्यर्थियों का कहना था कि वे सरकार की नजर में “कीड़े-मकौड़े” बन चुके हैं और उनकी लगातार अनदेखी की जा रही है। भीषण गर्मी के बीच कई प्रदर्शनकारी बेहोश भी हो गए, जिन्हें मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने पानी पिलाकर संभाला। इस दौरान अभ्यर्थियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन में शामिल अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से न्याय की मांग करने के बावजूद उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। कुछ अभ्यर्थियों ने यह भी कहा कि वे पिछले कई वर्षों से लगातार संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अभी तक भर्ती प्रक्रिया का समाधान नहीं निकल सका है। बनारस से आए एक अभ्यर्थी ने कहा कि वे बार-बार आर्थिक और मानसिक परेशानी झेलते हुए आंदोलन में शामिल हो रहे हैं, लेकिन अब उनका धैर्य जवाब दे रहा है। वहीं कुछ अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी कि यदि न्याय नहीं मिला तो वे सामूहिक आत्मदाह जैसे कठोर कदम उठाने को मजबूर होंगे। प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने यह भी आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मामले में सरकार की ओर से प्रभावी पैरवी नहीं की जा रही है। उन्होंने सरकार से मांग की कि अगली सुनवाई में सरकारी वकील को मजबूती से पक्ष रखने के लिए भेजा जाए। बाद में अभ्यर्थियों ने शिक्षा मंत्री संदीप सिंह से मुलाकात कर ज्ञापन भी सौंपा। सूत्रों के अनुसार, मंत्री की ओर से आश्वासन दिया गया है कि सुप्रीम कोर्ट में सरकारी अधिवक्ता की उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी और मामले में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।