
पारदर्शी विकास न्यूज़ अमेठी/लखनऊ। बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन संचालित विद्यालयों में कार्यरत शिक्षामित्रों और अनुदेशकों की सेवानिवृत्ति आयु 62 वर्ष करने की मांग को लेकर सवाल उठ रहे हैं। संगठन लंबे समय से इस मांग को लेकर शासन से निर्णय की अपेक्षा कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई स्पष्ट आदेश जारी नहीं हुआ है।परिषद के विद्यालयों में शिक्षक-शिक्षिकाओं की सेवानिवृत्ति आयु 62 वर्ष है। वहीं, कुछ महीने पहले सरकार ने विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों की सेवानिवृत्ति आयु भी 62 वर्ष करने का आदेश जारी किया। शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के लिए अभी तक अलग व्यवस्था लागू है। इसको लेकर संगठनों का कहना है कि विद्यालयों में सेवाएं देने वाले सभी कार्मिकों के लिए सेवानिवृत्ति की समान व्यवस्था होनी चाहिए।शिक्षामित्र एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष संजय कनौजिया ने कहा कि संगठन की ओर से कई बार सरकार को ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षामित्रों के साथ भेदभाव हो रहा है। उनका कहना है कि शिक्षामित्र प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की तरह सेवाएं दे रहे हैं और निपुण भारत मिशन को आगे बढ़ाने में भी योगदान दे रहे हैं। ऐसे में उन्हें भी 62 वर्ष तक सेवा का अवसर मिलना चाहिए।घोरहा ग्राम पंचायत की रीता गुप्ता ने मुख्यमंत्री को भेजी ऑनलाइन शिकायत में बताया कि उनके पति शिवकरन गुप्ता की उम्र 60 वर्ष पूरी हो गई है। उन्होंने कहा कि परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए पति को 62 वर्ष तक सेवा का अवसर दिया जाना चाहिए। उन्होंने विद्यालय में कार्यरत रसोइयों और शिक्षकों की सेवानिवृत्ति आयु का हवाला देते हुए समान व्यवस्था की मांग की है।
एक नजर में आंकड़े
कुल विद्यालय : 1,33,035
कुल शिक्षक-शिक्षिकाएं : 4,34,226
कुल शिक्षामित्र : 1,42,929
सहायक अध्यापक पद पर समायोजित शिक्षामित्र : 1,36,442
कुल अनुदेशक : 24,717
सहायक अध्यापकों के रिक्त पद : 60,958