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सद्कर्मों से जीवन को बनाएं सार्थक : वेदाचार्य योगेन्द्र याज्ञिक

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पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। आर्य समाज गोविंद नगर के तत्वावधान में आयोजित वेद प्रचार महोत्सव में गुरुवार को होशंगाबाद से पधारे प्रख्यात वेदाचार्य योगेंद्र याज्ञिक ने जीवन के उद्देश्य और वैदिक विचारों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मनुष्य का जीवन केवल भौतिक सुख-सुविधाओं के लिए नहीं, बल्कि सत्य, प्रेम, सेवा, सद्कर्म और आध्यात्मिक चेतना के माध्यम से स्वयं के साथ समाज के कल्याण के लिए है।वेदाचार्य ने कहा कि द्वेष, मोह, ईर्ष्या और अहंकार मनुष्य की ऊर्जा को नष्ट करते हैं। सकारात्मक सोच, संयम, आत्मचिंतन और परोपकार की भावना जीवन को सार्थक एवं प्रेरणादायी बनाती है। उन्होंने कहा कि वेद मनुष्य को ज्ञान के साथ कर्म, आत्मअनुशासन के साथ सेवा और आध्यात्मिकता के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व का संदेश देते हैं।उन्होंने श्रद्धालुओं से वैदिक विचारों को केवल सुनने तक सीमित न रखकर दैनिक जीवन में अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में वीरा चोपड़ा, शुभ कुमार वोहरा, चंद्रकांता गेरा, वीरेंद्र मल्होत्रा, डॉ. संतोष अरोड़ा, प्रकाश वीर आर्य, अनिल चोपड़ा, शकुंतला मेंहदीरत्ता और श्याम प्रकाश शास्त्री सहित अनेक लोग मौजूद रहे।