
पारदर्शी विकास न्यूज़ कुशीनगर। जिलाधिकारी संजय चौहान की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय सलाहकार समिति एवं जिला स्तरीय समीक्षा समिति की बैठक हुई। इसमें सरकारी ऋण और स्वरोजगारपरक योजनाओं की प्रगति, बैंकों द्वारा ऋण वितरण तथा लंबित आवेदनों की समीक्षा की गई।डीएम ने बैंकों को निर्देश दिए कि पात्र लाभार्थियों के ऋण आवेदन अनावश्यक रूप से लंबित न रखे जाएं। बिना उचित कारण आवेदन निरस्त करने या अनावश्यक आपत्तियां लगाकर प्रकरण रोकने की प्रवृत्ति पर प्रभावी अंकुश लगाने को कहा। कम प्रगति वाले बैंकों को विशेष अभियान चलाकर लंबित मामलों का निस्तारण करने के निर्देश दिएबैठक में बताया गया कि जून 2026 तक जिले का जमा-ऋण अनुपात 51.49 प्रतिशत रहा। डीएम ने इसमें सुधार के लिए बैंकों को सक्रियता बढ़ाने को कहा। उन्होंने किसानों, छोटे उद्यमियों, युवाओं और अन्य पात्र लोगों को समय से ऋण उपलब्ध कराने पर जोर दिया, ताकि स्वरोजगार और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकेडीएम ने अगली बैंकर्स बैठक तक सरकारी ऋण योजनाओं में लक्ष्य के सापेक्ष स्पष्ट सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में लापरवाही या अनावश्यक विलंब मिलने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। બેઠક में संबंधित विभागों के अधिकारी, अग्रणी जिला बैंक प्रबंधक और विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।